बिहार: बंद होगी गरीबों का पेट भरने वाली सामुदायिक रसोई, इस वजह से विभाग ने लिया फैसला
कारोना संक्रमण के प्रसार में कमी और लाकडाउन में ढील के कारण आपदा प्रबंधन विभाग ने राज्य में चल रहे सामुदायिक रसोई को बंद करने का फैसला किया है। विभाग ने सभी जिलों के डीएम को पत्र लिखकर सामुदायिक रसोई को बंद करने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है। मुख्यालय के आदेश के बाद कई जिलों में जहां लोगों ने खाना बंद कर दिया था, वहां रसोई बंद कर दी गई है। शेष जिलों में भी इसे बंद करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
राज्य सरकार ने लॉकडाउन की घोषणा के साथ सभी जिलों में स्थान चिह्नित कर वहां गरीबों के भोजन की व्यवस्था करने का निर्देश दिया था। इस योजना की मॉनीटरिंग अपदा प्रबंधन विभाग कर रहा है। विभाग ने सभी जिलों को रोज की रिेपार्ट मुख्यालय भेजने का आदेश दिया था। जिलों को यह छूट दी गई थी कि जितनी जरूरत होगी उसके हिसाब से रोज रसोई की संख्या घटा-बढ़ा सकते है। इस दौरान जरूरत के हिसाब से 739 सामुदायिक रसोई घरों का संचालन किया गया।
इन रसोई में अब तक 56 लाख लोगों ने खाना खाया। इसके अलावा रसोई में आने वाले बच्चों के लिए सरकार द्वारा दूध की व्यवस्था भी की गई थी। बाद में सरकार ने होम आइसोलेशन में रहने वाले लोगों के लिए यह व्यवस्था की थी कि वह भी चाहे तो सामुदायिक रसोई से खाना मंगा सकते हैं। इसके लिए सभी जिलों में मोबाइल नंबर जारी किये गये थे।

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