फर्स्ट अटेंप्ट में ही बनी बैंक पीओ, पिता की जलती चिता छोड़कर आईबीपीएस परीक्षा देने गई थी बेटी
बिशुनपुर रोड स्थित शास्त्री नगर निवासी स्व. शैलेंद्र लाल और शशि सिन्हा की बेटी साक्षी श्रीवास्तव का चयन केनरा बैंक में पीओ पद पर हुआ है। साक्षी अपने पिता की जलती चिता को छोड़कर आईबीपीएस की परीक्षा देने गई थी। फर्स्ट अटेंप्ट में ही साक्षी को यह सफलता मिली है। साक्षी ने प्रारंभिक शिक्षा संत विनोबा स्कूल, 12वीं की पढ़ाई डीएवी और मैथ्स ऑनर्स की पढ़ाई संत जेवियर कॉलेज रांची से पूरी करने के बाद घर पर रहकर ही प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रही थी।
साक्षी की बड़ी बहन स्नेहा श्रीवास्तव साल-2015 में बैंक ऑफ बड़ौदा में पीओ पद पर चयनित हुई थी। स्व. शैलेंद्र लाल और शशि सिन्हा की तीन बेटियां ही हैं। इनकी तीनों बेटियों ने यह साबित कर दिया कि बेटियां माता-पिता और समाज पर बोझ नहीं होती। यदि उन्हें माता-पिता सही मार्गदर्शन दें, तो आज बेटियां कुछ भी करने का जज्बा रखती हैं। सबसे छोटी बहन समृद्धि श्रीवास्तव ने 27 फरवरी को अपने पिता को मुखाग्नि देकर बेटे का फर्ज निभाया और समाज के लिए एक नई मिसाल कायम की थी।
अभी पिता के चिता की आग ठंडी भी नहीं हुई थी कि पिता के सपने को साकार करने के लिए पिता की जलती चिता को छोड़कर आईबीपीएस की परीक्षा में शामिल हुई और केनरा बैंक में पीओ पद के लिए चयनित हुई। एक ओर जहां शोकाकुल परिवार में माता के आंसू थमने का नाम नहीं ले रही थी साक्षी की सफलता ने माता के चेहरे पर मुस्कान लौटा दी।
वहीं माता शशि सिन्हा ने कहा कि उन्हें अपने तीनों बेटियों पर नाज है, जो कभी भी उन्हें एक बेटा ना होने की कमी महसूस नहीं होने देती। साक्षी ने अपनी इस सफलता का श्रेय माता-पिता को दिया है और पिता को श्रद्वांजलि के रूप में समर्पित किया है। बता दें कि साक्षी के पिता शैलेंद्र लाल जेजे कॉलेज में कार्यरत थे, जिनका निधन 27 फरवरी को हुआ था।

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