लॉकडाउन उल्लंघन के केस वापस ले सकती है नीतीश सरकार, विधि विभाग से ली जा रही है राय
कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के दौरान इसके उल्लंघन से जुड़े मुकदमे वापस हो सकते हैं। विधान परिषद में शुक्रवार को गैर सरकारी संकल्प के जवाब में प्रभारी मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि गृह विभाग के पास मामला विचाराधीन है।
आदित्य नारायण पांडेय ने गैर सरकारी संकल्प के जरिए प्रस्ताव किया था कि कोरोना काल में हुए लॉकडाउन के दौरान कोविड-19 के केंद्र और राज्य के निर्देश का उल्लंघन करने वालों पर हुए मुकदमे को वापस लिया जाए। इसपर प्रभारी मंत्री बिजेंद्र यादव ने कहा कि इस संबंध में विधि विभाग और सभी डीएम से पत्राचार किया गया है।
गृह विभाग के पास मामला विचाराधीन है। मंत्री के जवाब के बाद विधान पार्षद ने अपना गैर सरकारी संकल्प वापस ले लिया। संभावना जताई जा रही है विधि विभाग से राय लेने के बाद राज्य सरकार इसपर जल्द निर्णय लेगी। यदि सरकार इन मुकदमों को वापस लेती है तो बड़ी आबादी को राहत मिलेगी। बता दें कि आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 के तहत लॉकडउन उल्लंघन के मामला दर्ज किए गए हैं।

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