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बिहार: किशनगंज के थानेदार बेटे की हत्या से मां को लगा गहरा सदमा, हुई मौत, अब एक साथ उठेगी अर्थी

 


बिहार के किशनगंज टाउन थाना के अध्यक्ष अश्विनी कुमार की हत्या के बाद जब उनका पार्थिव शरीर घर लौटा तो बेटे की मौत के गम में उनकी मां की भी मौत हो गई। रविवार को एक साथ मां मां उर्मिला देवी और थानेदार बेटे की अर्थी उनके घर से उठेगी। पूर्णिया के जानकीनगर थाना के अभयराम चकला पंचायत के पांचू मंडल टोला निवासी दिवंगत थानाध्यक्ष अश्विनी कुमार की मां उर्मिला देवी पटना में बहू मीनू स्नेहलता और बच्चों के साथ रहती थी। दिवंगत थानाध्यक्ष के पिता महेश प्रसाद यादव सेवानिवृत्त शिक्षक थे जिनका देहांत कुछ साल पूर्व हो गया था। 

थानाध्यक्ष अश्विनी कुमार दो भाइयों में बड़े थे। छोटा भाई प्रवीण कुमार उर्फ गुड्डु है। इनकी दो बहन भी है। इंस्पेक्टर अश्विनी कुमार के तीन बच्चे दो बेटी और एक बेटा है। दोनों बेटी बड़ी है। पटना में ही ये फ्लैट लिए हुए थे। हालांकि पटना से इनकी पत्नी किशनगंज नहीं पहुंच पाई थी।  

बता दें कि किशनगंज के टाउन थानाध्यक्ष अश्विनी कुमार की हत्या से परिजनों में उबाल देखा गया। परिजनों का कहना था कि साजिश के तहत थानाध्यक्ष की हत्या हुई है। परिजनों का कहना था कि थानाध्यक्ष के साथ गए पुलिस पदाधिकारी व पुलिस बल अगर वहां मौजूद रहकर एक भी गोली चला देते तो शायद भीड़ के चंगुल से उनके भाई की जान बच जाती।

पुलिस ने मां और दो बेटेे समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया
किशनगंज जिले के थानाध्यक्ष अश्विनी कुमार की हत्या के आरोप में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया । पकड़े गए अभियुक्तों में फिरोज आलम, उसका भाई अबुजार आलम और इनकी मां सहीनुर खातुन शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक फिरोज इस घटना का मुख्य अभियुक्त है। किशनगंज से सटे पश्चिम बंगाल के पंथापड़ा में तहकीकात के सिलसिले में दलबल के साथ गए इंस्पेक्टर अश्विनी कुमार पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया था। इस घटना में वह शहीद हो गए। पुलिस मुख्यालय के मुताबिक इस मामले में नामजद अभियुक्तों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। इसमें संलिप्त तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पूर्णिया के आईजी और किशनगंज के एसपी घटनास्थल पर कैंप कर रहे हैं। वहीं डीजीपी एसके सिंघल ने पश्चिम बंगाल के डीजीपी से इस मामले में बात की। 

बंगाल के डीजीपी ने पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है। पुलिस मुख्यालय के मुताबिक शहीद इंस्पेक्टर अश्विनी कुमार के परिजनों को अनुग्रह अनुदान, सेवांत लाभ और एक आश्रित को सरकारी नौकरी देने के लिए कार्रवाई की जा रही है। बिहार पुलिस ने शहीद इंस्पेक्टर अश्विनी कुमार को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की है। 

अश्विनी कुमार 94 बैच के दारोगा थे बाद में उनकी इंस्पेक्टर पद पर प्रोन्नति हुई 
बंगाल के ग्वालपोखर थाना क्षेत्र के पंतापाड़ा गांव में बाइक चोरी मामले में छापेमारी करने गयी पुलिस टीम पर भीड़ के हमले में किशनगंज टाउन थानाध्यक्ष अश्विनी कुमार की मौके पर ही मौत हो गई। घटना शनिवार की अहले सुबह 3 बजे की है। वे पूर्णिया जिले के बनमनखी प्रखंड के जानकीनगर थाना अंतर्गत पांचू मंडल टोला के रहने वाले थे। अश्विनी कुमार 94 बैच के दारोगा थे। बाद में उनकी इंस्पेक्टर पद पर प्रोन्नति हुई थी। थानाध्यक्ष के शव को पोस्टमार्टम के लिए इस्लामपुर अस्पताल लाया गया। इधर घटना के बाद पुलिस ने पुलिस इंस्पेक्टर पर हमला करने के आरोप में पांतापाड़ा से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इसमें मुख्य आरोपी फिरोज आलम, भाई अबुजर आलम व फिरोज आलम की मां शाहीनूर खातून शामिल है। एसपी कुमार आशीष ने कहा कि घटना अत्यंत दु:खद हैं। दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। इस्लामपुर अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव को पुलिस लाइन लाया गया। जहां पुलिस लाइन में आईजी सुरेश चौधरी, डीएम डा. आदित्य प्रकाश, एसपी कुमार आशीष द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिए जाने के बाद शव को पुलिस के साथ पैतृक गांव भेज दिया गया।

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