बिहार: एम्स-आईजीआईएमएस को मिली ब्लैक फंगस की दवा, 23 नए मरीज भर्ती, 1 की मौत
बिहार के अस्पतालों में भर्ती ब्लैक फंगस के मरीजों के लिए जरूरी एम्फोटेरिसिन इंजेक्शन की किल्लत बनी हुई है। हालांकि रविवार देर रात पटना एम्स व आईजीआईएमएस को दवा के 400-400 वायल दिये गए। इससे गंभीर मरीजों को एक दिन तक दवा की खुराक दी जा सकती है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि आगे नियमित दवा उपलब्ध कराने का भरोसा विभाग ने दिया है।
यह दवा खुले बाजार में नहीं मिलती है। स्वास्थ्य विभाग अस्पतालों की मांग के हिसाब से उपलब्ध कराता है। दो दिनों से पर्याप्त दवा नहीं मिलने पर अस्पताल प्रशासन ने विभाग को मांग पत्र के साथ त्राहिमाम संदेश भेजा, जिसके बाद एम्स और आईजीआईएमएस को रविवार देर रात दवा दी गई। अभी एम्स में 80 और आईजीआईएमएस में 98 ब्लैक फंगस के मरीज भर्ती हैं। पिछले दो दिनों से यहां के मरीजों को दवा की पूरी खुराक नहीं दी जा रही थी।
आईजीआईएमएस में रोज 550 वॉयल व एम्स में 500 वॉयल की जरूरत है। गया के मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक मरीज भर्ती है। यहां 50 वायल है। एसकेएमसीएच मुजफ्फरपुर और जेएलएनएमसीएच भागलपुर में भी शनिवार को दवा खत्म हो गई।
रविवार को 23 नए मरीज किए गए भर्ती, एक की मौत
ब्लैक फंगस के 23 मरीज रविवार को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हुए। इनमें
से 9 पीएमसीएच, 3 पटना एम्स, 2 एनएमसीएच व नौ आईजीआईएमएस में भर्ती हुए।
आईजीआईएमएस में एक मरीज की मौत हो गई। यहां अभी 98 मरीज भर्ती है। आइसोलेशन
वार्ड में नौ संदिग्धों को रखा गया है। पीएमसीएच में नौ मरीज भर्ती हुए।
पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. आईएस ठाकुर ने बताया कि वहां एम्फोटेरिसिन बी की
खुराक रविवार की शाम तक है। एनएमसीएच में भर्ती दो व एम्स में भर्ती तीन
कोविड मरीजों में ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई है।

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