एसटीईटी अभ्यर्थी द्वारा चलाए जा रहे ट्विटर अभियान को युवा हल्ला बोल का मिलेगा समर्थन
पटना। एसटीईटी उत्तीर्ण शिक्षक अभ्यर्थियों ने ट्विटर अभियान को लेकर युवा हल्ला बोल के साथ बैठक की जिसमें युवा हल्ला बोल ने देश भर के युवाओं से इसमें हिस्सा लेने की अपील की। विदित हो कि बिहार राज्य के एसटीईटी 2019 उतीर्ण अभ्यर्थी 37000 माध्यमिक व उच्चतर माध्यमिक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को लेकर दो जून को दिन के 11 बजे से बदहाल माध्यमिक शिक्षा बिहार एवं बिहार एसटीईटी रिजल्ट एवं जॉइनिंग हैशटैग के साथ राज्यव्यापी ट्विटर कंपैन अभियान चलाने जा रहे हैं।
'युवा हल्ला बोल' संगठन के राष्ट्रीय कॉर्डिनेटर गोविन्द मिश्रा का कहना है कि सैंतीस हजार शिक्षकों की नियुक्ति के लिए एसटीईटी 2019 परीक्षा का आयोजन हो चुका है, लेकिन भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं हो पायी है। परीक्षा लेकर रिजल्ट देना व बहाली पूर्ण करना सरकार हर बार भूल जाती है। बिहार के माध्यमिक विद्यालयों में सभी मुख्य विषयों के लिए शिक्षकों का व्यापक अभाव है। लेकिन सरकार द्वारा विगत पाँच-छह वर्षों से स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति हाई स्कूलों में नही हुई है। एसटीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों ने कहा कि कोरोना काल मे सड़क पर आंदोलन करना संभव नहीं है, अतः सोशल मीडिया ट्विटर के जरिये अपनी मांगों को सरकार तक पहुचायेंगे।
बताते चलें कि बिहार राज्य में देश मे सबसे अधिक शिक्षकों के पद रिक्त हैं लेकिन सरकार द्वारा मामले में लगातार उदासीनता बरती जाती है। इसी कारण से आए दिन शिक्षक अभ्यर्थी सोशल मीडिया पर अपनी आवाज उठा रहे हैं। अभ्यर्थियों ने बिहार के आम नागरिकों, बेरोज़गार युवाओं व संगठनों से अपील किया है कि बिहार की बदहाल माध्यमिक शिक्षा को सुधारने की इस मुहिम में अपना योगदान दें। बताते चले कि एसटीईटी उतीर्ण अभ्यर्थियों की नियुक्ति के मार्ग में सरकार के समक्ष किसी तरह की बाधा नहीं है। यह एक भर्ती परीक्षा थी जिसमें रिक्त सीटों के बराबर या उससे कम ही अभ्यर्थी उतीर्ण हुए हैं। अतः सफल अभ्यर्थियों को सीधे विद्यालय आवंटन किया जा सकता है। सरकार को अभ्यर्थियों की मांग पर स्वतः व शीघ्र संज्ञान में लेकर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जानी चाहिए।

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