बिहार: आम आदमी पर पड़ रही महंगाई की मार, पांच महीने में सरसों तेल दोगुना तो डेढ़ गुना महंगी हुई दाल
कोरोना की मार और पेट्रोल और डीजल बढ़ती कीमत से महंगाई बेलगाम हो गई है। सरसों के बंपर पैदावार के बावजूद सरसों तेल और रिफाइन के दाम आसमान छू रहे हैं। दाल लोगों की थाल में कम होती जा रही है। कोरोना के लगातार दो संक्रमण काल के बीच आम आदमी के किचेन का बजट नियंत्रण के बाहर होता जा रहा है।
पिछले पांच माह में सरसों तेल दोगुना और दाल डेढ़ गुना महंगा हो गई है। बीते 15 महीनों में परिवार के किचेन का बजट काफी बढ़ गया है। एक तरफ आम आदमी की कमाई जस की तस है या उसमें कमी आयी है तो दूसरी तरफ रसोई के सामानों के बढ़ती कीमत से लोग परेशान हैं।
नहीं थम रही तेल की कीमतें
बाजार में खाद्य तेलों की कीमतें लगातार चढ़ती जा रही है। दिसंबर 2020 में
120 रुपये प्रतिकिलो बिकने वाले सरसों तेल की कीमत मार्च 2021 में 160
रुपये प्रतिकिलो और मई 2021 में 180 से 210 रुपये प्रति किलो के बीच पहुंच
गई है। कई ब्रांड के तेल तो 230 तक बिक रहे हैं। इसी तरह रिफाइन तेल की
कीमत में भी पिछले साल की तुलना में लगभग 68 रुपये का इजाफा हुआ है। बिहार
राज्य खुदरा विक्रेता संघ के महासचिव रमेश तलरेजा कहते हैं कि मार्च में
सरसो की नई फसल आने के बाद भी तेल की कीमत कम नहीं हो रही है। विदेश से
रिफाइन तेल की आवक कम होने के कारण इसकी कीमत प्रभावित होती है।
बढ़ रही हैं चॉकलेट-बिस्कुट की कीमतें
बेउर के किराना दुकानदार मंटू कुमार कहते हैं कि बिस्कुट के दामों में लगभग
दस प्रतिशत का इजाफा हो गया है। 32 रुपये पैकेट बिकने वाला मैरी गोल्ड अब
34 रुपये किलो बिक रहा है। गांधी नगर के किराना दुकानदार मुकेश कुमार कहते
हैं कि कई सामानों की कीमतों में भले ही इजाफा नहीं किया गया हो लेकिन इनके
भार में कमी कर दी गई है। जैसे किसी कंपनी द्वारा पहले सौ ग्राम के साथ
पचास ग्राम फ्री मिलता था। उतनी ही कीमत पर अब यह उत्पाद 75 ग्राम पर 50
ग्राम फ्री दिया जा रहा है। इस तरह चॉकलेट और बिस्कुट के ब्रांडों में लगभग
15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो गई है।

कोई टिप्पणी नहीं
बिहार खबर (SUBHAKAR MEDIA PRIVATE LIMITED) वेबसाइट पर कॉमेंट करने के लिए धन्यवाद।