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राजधानी पटना में कूड़ा प्रबंधन का बदलेगा तरीका, क्यूआर कोड से स्कैन कर घरों से उठेगा कूड़ा, समाधान एप होगा लांच

 



पटना नगर निगम क्षेत्र में ठोस कचरा प्रबंधन को स्मार्ट बनाने के लिए इंटिग्रेटेड स्मार्ट साल्यूशन की सुविधा चार दिसंबर से शुरू की जाएगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इसका शुभारंभ करेंगे। नगर निगम क्षेत्र में डोर टू डोर कचरा उठाव प्रक्रिया को स्मार्ट बनाया गया है। इसके लिए एक सामाधान एप भी तैयार किया गया है।

एप के माध्यम से कचरा प्रबंधन के दौरान कहीं भी कोई परेशानी या शिकायत हो तो समाधान एप पर लिखित में जानकारी दे सकते हैं। नगर निगम क्षेत्र में अभी तक एक लाख 48 हजार घरों में क्यूआर कोड लगा दिया गया है। अब भी 50 हजार घरों में क्यूआर कोड लगाने का काम बाकी है। निगम के सभी 75 वार्डों को कवर कर लिया गया है। 

ऐप से जान सकेंगे कचरा वाहन का लोकेशन

कचरा वाहन आपके घरों तक कब पहुंचेगा, इसकी जानकारी समय से पहले एप के जरिए देख सकते हैं। समाधान एप बनाया गया है। जिसके माध्यम से वाहन का रियल टाइम लोकेशन जान सकेंगे। स्मार्ट सिटी के तहत एक डाटा सेंटर, कंट्रोल रूम व मॉनिटरिंग स्टेशन एवं मुख्यालय में नियंत्रण कक्ष की व्यवस्था की गई है। सभी ट्रायल भी किया जा रहा है।

कैसे काम करता है क्यूआर कोड

नियंत्रण कक्ष में बने वीडियो वॉल पर पटना नगर निगम के सभी होल्डिंग्स का डाटा नक्शे के साथ नजर आएगा। प्रत्येक घर-दुकान (होल्डिंग) से कूड़ा लिए जाने के बाद सफाई पर्यवेक्षक द्वारा क्यूआर कोड को स्कैन किया जाएगा। कोड स्कैन करते ही कंट्रोल रूम में संबंधित होल्डिंग का रंग हरे रंग में तब्दील होगा। जब तक पर्यवेक्षक द्वारा कोड को स्कैन नहीं किया जाएगा, तब तक कंट्रोल रूम में संबंधित घर के ऊपर लाल रंग दर्शाता रहेगा। इन सबका ट्रायल हो चुका है।

सफाई इंस्पेक्टर द्वारा कचरा उठाने के बाद क्यूआर कोड स्कैन करते ही संबंधित करदाता के पंजीकृत फोन नंबर पर कूड़ा उठा लिए जाने का संदेश जाएगा। संदेश के साथ एक लिंक भी करदाता को भेजा जाएगा, जिस पर क्लिक कर वे अपनी शिकायत अथवा प्रतिक्रिया सीधे संबंधित अधिकारी एवं कंट्रोल रूम को दे सकते हैं। यदि किसी पर्यवेक्षक द्वारा बिना कूड़ा उठाए ही कोड को स्कैन किया जाएगा तो गलत संदेश प्राप्त होने पर फौरन करदाता संदेश के साथ भेजे गए लिंक पर क्लिक कर इसकी जानकारी कंट्रोल रूम को दे सकते हैं। पटना नगर निगम के सभी सफाई पर्यवेक्षकों को विशेष क्यूआर कोड रीडर उपलब्ध कराया गया है।

चेहरा दिखा कर दर्ज होगी उपस्थिति

सभी सफाई निरीक्षकों को बायोमेट्रिक अटेंडेंस के लिए मशीन उपलब्ध करवाई गई है। इसके माध्यम से कर्मी अपनी उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं। मशीन पर अपनी उंगली का निशान अथवा चेहरा दिखा कर सफाई कर्मी प्रत्येक दिन अटेंडेंस बनाएंगे। निगम के सभी वाहनों पर जीपीएस चिप लगाया गया है।

सफाई इंस्पेक्टर द्वारा कचरा उठाने के बाद क्यूआर कोड स्कैन करते ही संबंधित करदाता के पंजीकृत फोन नंबर पर कूड़ा उठा लिए जाने का संदेश जाएगा। संदेश के साथ एक लिंक भी करदाता को भेजा जाएगा जिस पर क्लिक कर वे अपनी शिकायत अथवा प्रतिक्रिया सीधे संबंधित अधिकारी एवं कंट्रोल रूम को दे सकते हैं।


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