तीन साल में 200 किमी की रफ्तार से दौड़ेंगी ट्रेनें, ऐसे होगा काम
सरकार सड़क यातायात को नए एक्सप्रेसवे के जरिए नई गति देने के साथ ट्रेनों को भी नई रफ्तार देने जा रही है। इसके तहत अगले तीन साल में देश के अंदर ट्रेनें 200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक दौड़ेंगी। इसके लिए रेलवे बोर्ड ने अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) को बुनियादी ढांचे का अध्ययन कर मार्च 2022 तक डीपीआर सौंपने के निर्देश दिए हैं।
रेलवे बोर्ड ने हाल में दिल्ली से आगरा रूट पर 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन चलाने के लिए हरी झंडी दी है। इसके बाद अब ट्रेनों की रफ्तार 200 किमी प्रति घंटे तक पहुंचाने के लिए बोर्ड ने तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए कई विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके तहत आरडीएसओ पटरियों का अध्ययन कर रिपोर्ट देगी। रेल रूट का चुनाव रेलवे भूमि विकास निगम को करना होगा। डीपीआर मार्च 2022 तक रेलवे बोर्ड को सौंपी जानी है। द्वितीय चरण में परियोजना के लिए बजट का आवंटन होगा। कपूरथला रेल कोच के इंजीनियर 200 की रफ्तार वाली ट्रेनों के कोच डिजाइन करेंगे।
2500 किमी लंबा होगा टेस्टिंग ट्रैक
200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली ट्रेन चलाने के पहले आरडीएसओ
उत्तर-पश्चिम रूट पर डेडिकेटेड टेस्टिंग ट्रैक बनाएगा। ये ट्रैक दिल्ली से
हरियाणा, पंजाब, राजस्थान होते हुए अहमदाबाद तक होगा। 5761 किमी लंबे ट्रैक
पर करीब 2500 किमी ट्रैक पर ट्रेन चलाकर रफ्तार जांची जाएगी।
इस तरह होगा काम
1. आरडीएसओ दो साल रेल लाइनों का अध्ययन कर पटरियों की मजबूती जांचेगा।
2. यात्री डिब्बे, इलेक्ट्रिक इंजन, ट्रैक निर्माण की रिपोर्ट मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त देंगे
3. 90 रेल लाइनों में से किसी एक लाइनों की जांच कर बोर्ड को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
160 के बाद 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन चलाने पर काम शुरू
हो गया है। इसके लिए डेडिकेटेड टेस्टिंग ट्रैक बनाया जा रहा है। मार्च 2022
तक प्रोजेक्ट रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को सौंप दी जाएगी।
- संजीव भूटानी, महानिदेशक, आरडीएसओ
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