हेलिकॉप्टर दुर्घटना में एकमात्र जीवित बचे ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह को बेहतर इलाज के लिए भेजा गया बेंगलुरु, हो चुके हैं 3 ऑपरेशन
तमिलनाडु के कुन्नूर के निकट हेलिकॉप्टर दुर्घटना में जीवित बचे इकलौते व्यक्ति ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह को बेहतर इलाज के लिए गुरुवार को वेलिंगटन से सुलूर के रास्ते बेंगलुरु ले जाया जा रहा है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। दुर्घटना के बाद गंभीर रूप से झुलसे ग्रुप कैप्टन को बुधवार को वेलिंगटन के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
कोयम्बटूर में अधिकारिक सूत्रों ने भी ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह को बेहतर इलाज के लिए बेंगलुरु ले जाए जाने की पुष्टि की है। सूत्रों ने यह भी बताया कि उनकी हालत गम्भीर बनी हुई है, लेकिन स्थिर है। उन्होंने आगे कहा कि ग्रुप कैप्टन सिंह का अभी तक तीन बार ऑपरेशन किया जा चुका है। रूस निर्मित हेलिकॉप्टर एमआई-17वी5 दुर्घटना में रक्षा प्रमुख अध्यक्ष (सीडीएस) बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका और सशस्त्र बल के 11 कर्मियों की मौत हो गई। इस हेलिकॉप्टर में ग्रुप कैप्टन सिंह देश के सर्वोच्च सैन्य अधिकारी जनरल रावत की वेलिंगटन में डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज की यात्रा के लिए संपर्क अधिकारी के तौर पर मौजूद थे। वह फिलहाल इसी प्रतिष्ठित कॉलेज में इंस्ट्रक्टर के रूप में कार्यरत हैं।
रावत की अगवानी की थी
इससे पहले एक अधिकारी ने नई दिल्ली में कहा, ''ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह की
हालत अब भी गंभीर बनी हुई है और उन्हें बेंगलुरु के कमांड अस्पताल में ले
जाने के लिए एक वाहन एंबुलेंस से सुलूर ले जाया गया है, जहां से उन्हें
बेंगलुरु ले जाया जाएगा।'' उन्होंने सुलूर एयरबेस पर जनरल रावत की अगवानी
की थी, जहां से दल हेलिकॉप्टर से वेलिंगटन की ओर जा रहा था।
पिता ने भी की पुष्टि
इस बीच भोपाल निवासी ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह के पिता कर्नल (सेवानिवृत्त)
केपी सिंह ने फोन पर बातचीत में कहा, ''उन्हें (वरुण को) बेंगलुरु शिफ्ट
(स्थानांतरित) किया जा रहा है। मैं वेलिंगटन पहुंच गया हूं।'' ग्रुप कैप्टन
की हालत के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ''अभी मैं उनकी स्थिति के
बारे में ज्यादा कुछ नहीं बता पाऊंगा।'' भोपाल हवाईअड्डा रोड पर 'सन सिटी'
स्थित केपी सिंह के पड़ोसी लेफ्टिनेंट कर्नल (सेवानिवृत्त) ईशान आर ने कहा
कि मुझे उम्मीद है कि ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह ठीक हो जाएंगे।
'पिछले साल खराबी के बावजूद तेजस को सुरक्षित उतारा था'
उन्होंने कहा कि जब बुधवार को यह दुर्भाग्यपूर्ण खबर के पी सिंह को मिली तब
वह और उनकी पत्नी उमा अपने छोटे बेटे तनुज के मुंबई स्थित घर में थे। तनुज
नौसेना में लेफ्टिनेंट कमांडर हैं। ईशान ने कहा, ''मैंने आज सुबह कर्नल के
पी सिंह से बात की। उन्होंने मुझसे कहा कि उनका बेटा फाइटर (योद्धा) है और
वह इस संकट को भी पार कर लेगा।'' उन्होंने याद दिलाया कि ग्रुप कैप्टन
वरुण सिंह ने इससे पहले पिछले साल तेजस विमान की परीक्षण उड़ान के दौरान आई
बड़ी तकनीकी खामी के बाद विमान को आपातकालीन स्थिति में सुरक्षित उतार
लिया था और वह बाल-बाल बचे थे। उनकी बहादुरी के लिए उन्हें इसी साल शौर्य
चक्र से सम्मानित किया गया है।
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