नवादा: मां और 3 बेटियों को बाथरूम में बंद कर पुलिस ने बेरहमी से पीटा, आरोप- महिलाओं के सिर को दीवार पर पटका
नवादा पुलिस की भूमिका एक बार फिर से संदेह के घेरे में है। पुलिस पर महिलाओं को थाने के बाथरूम में बंद कर बुरी तरह से मारपीट करने का आरोप लगा है। रोह थाने के निचली बार की युवती सलोनी कुमारी का आरोप है कि उसे व उसकी दो बहनों तथा मां को पकड़कर पुलिस ने बुरी तरह से पीटा। यही नहीं मानवता को दरकिनार कर बाथरूम में बंद कर महिलाओं का सिर बुरी तरह से दीवार पर पटका गया। घटना 08 दिसम्बर को रोह में पंचायत चुनाव के दौरान घटी बतायी जाती है।
सलोनी कुमारी, उसकी दो बहनों निशा कुमारी और रेशमी कुमारी के अलावा उसकी मां सुनीता देवी को गिरफ्तार कर 09 दिसम्बर को नवादा जेल भेज दिया गया था। वहां से सलोनी के सिर में चक्कर आने की शिकायत पर 10 दिसम्बर सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। दहशत के मारे वह किसी को कुछ बोल नहीं पा रही थी। सलोनी और उसकी बहन रेशमी बीपीएससी की तैयारी कर रही हैं,जबकि उसकी बहन निशा मास कम्युनिकेशन की स्टूडेंड है और नोएडा में एक इलेक्ट्रानिक मीडिया की कर्मी बतायी जा रही है। बता दें कि सलोनी के पिता शंकर प्रसाद की अप्रैल 2021 में कोरोना से मौत हो चुकी है। बहनें ट्यूशन कर तैयारी व पढ़ाई कर रही हैं। नवादा की एसपी सायली सावलाराम डी ने कहा कि मामले की जानकारी ली जा रही है। उचित कार्रवाई की जाएगी।
रोह इंटर स्कूल के बूथ नंबर 122 पर पंचायत चुनाव में वोटिंग के दौरान मोबाइल को भीतर लेकर जाने की बात पर झड़प हुई थी। सलोनी की मानें तो पुलिस के मना करने पर वह मोबाइल अपनी मां को देकर भीतर वोट देने भीतर चली गयी। इसी बीच उसकी बहन को एक पुरूष कांस्टेबल द्वारा पीटने पर लोग भड़क उठे और इसमें एक महिला कांस्टेबल सुमन कुमारी का सिर फट गया। जब वह वोट देकर बाहर निकली तो वहां भगदड़ मचा था। वह भगदड़ से बचने के लिए पुलिस की ओर भागी परंतु पुलिस ने बचाने की जगह उसे वह उसकी बहनों तथा मां को पीटने लगी। आरोप है कि इतने से भी जब उनका मन नहीं भरा तो पुलिस उन्हें जीप से लेकर थाना गयी और बाथरूम में बंद कर बुरी तरह से पीटा। वहीं पुलिस की मानें तो महिला कांस्टेबल के घायल होने पर पुलिस भड़क उठी थी।
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