आशा मीरा घर घर जाकर गर्भवती महिलाओं को प्रसव संबंधित सलाह देती हैं
- गर्भावस्था की परेशानी से बचने के लिए महिलाओं को करती हैं जागरूक
- प्रसव संबंधित दिक्कतों पर खुद ले आती हैं सदर अस्पताल
मोतिहारी, 09 दिसम्बर।
स्वास्थ्य क्षेत्र में आशा कार्यकर्ताओं का होना बहुत ही आवश्यक होता है। क्योंकि आशा कार्यकर्ता से महिलाएँ न सिर्फ खुलकर अपनी समस्याओं को आसानी सेअवगत कराती हैं बल्कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में एक माँ , बहन की तरह भी मुख्य भूमिका निभाती हैं। ऐसे ही आशा हैं मीरा देवी। जो अपने व्यवहार की बदौलत महिलाओं के साथ साथ पूरे ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों का सम्मान पाती हैं। आशा मीरा देवी पिपरकोठी में कार्यरत हैं। वे हर समय महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर सजग रहती हैं। गोविंदपुर, टिकैता में घर घर घूमकर महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी सलाह देती हैं। जिन महिलाओं को किसी प्रकार की इलाज की आवश्यकता होती तो उनको सहयोग व हरसम्भव मदद करती हैं। कभी -कभी तो रात में भी परिवार के सदस्यों को समझाकर गर्भवती महिलाओं के साथ खुद चलकर उनके इलाज के लिए तत्पर रहती हैं। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान की जानकारी देते हुए हमेशा ही गर्भवती महिलाओं की जाँच हेतु अस्पताल ले जाती हैं। इस दौरान उन्हें गर्भावस्था के दौरान होने वाले खतरे के लक्षण की पहचान के बारे में बड़ी बहन की तरह समझाती हैं।
पिपराकोठी की गर्भवती महिला रेखा ने बताया कि मीरा देवी ने प्रसव के कार्यों में बहुत सहयोग किया है। उन्होंने प्रसव काल के दौरान मुझे काफी हिम्मत दी। एक बार छठे महीने में कठिनाई महसूस होने पर वे मुझे सदर अस्पताल लेकर आई। मेरा कई प्रकार से वजन, बीपी, एचआईवी, ब्लड शुगर, व अन्य शारिरिक जाँच करवायी। साथ ही सुरक्षित प्रसव के लिए एवं गर्भस्थ शिशु के सही तरीके से पालन के लिए सलाह देती हैं। आज उनकी बदौलत मैं सुरक्षित तरीके से माँ बन पाई।
आशा मीरा ने गांव की गर्भवती महिलाओं के घर जाकर कुपोषण से बचने व संतुलित शारीरिक व मानसिक विकास के लिए फल, हरे सब्जियों, सलाद, दूध, दूध से बने सामग्रियों के सेवन की जानकारी देती हैं। साथ ही तनाव से बचने की सलाह भी महिलाओं को देती हैं।
आशा मीरा देवी बताती हैं कि गर्भवती महिलाओं को आयरन एवं कैल्सियम की गोली का उचित मात्रा में सेवन करना जरूरी है। तभी गर्भावस्था के दौरान महिलाओं व उनके गर्भस्थ बच्चे का उचित शारिरिक व मानसिक विकास होता है।
आशा मीरा ने बताया कि वर्तमान समय मे जनसंख्या पर रोक लगाने के लिए व अनचाहे गर्भ ठहरने से रोक के लिए, साथ ही साथ बच्चा पैदा करने के साथ ही तुरंत पुनः गर्भधारण की समस्याओं से बचाव के लिए गर्भवती, व धात्री महिलाओं को परिवार नियोजन की विभिन्न संसाधनों के साथ ही स्थायी व अस्थायी साधनों की भी जानकारी देती हूँ।
आशा मीरा देवी का कहना है कि सरकारी अस्पताल में ही प्रसव कराना चाहिए क्योंकि इससे मुफ्त में बिना कोई समस्या के सुरक्षित प्रसव भी हो जाता है, साथ ही जननी बाल सुरक्षा योजना के तहत ग्रामीण एवं शहरी दोनों प्रकार की गर्भवती महिलाओं को सरकारी अस्पताल में प्रसव कराने के बाद अलग-अलग प्रोत्साहन राशि सरकार द्वारा प्रदान की जाती है।
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ रामशंकर गुप्ता ने बताया कि महिलाओं के बीच सेवा व कुशल व्यवहार के लिए आशा मीरा देवी जानी जाती हैं।
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