बाढ़ से राहत की पहलः कमला नदी पर बराज का निर्माण शुरू, सीएम नीतीश कुमार ने किया शुभारंभ
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मधुबनी जिले के जयनगर में कमला नदी पर बराज निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। साथ ही कमला बलान के दोनों तरफ और पिपराघाट से ठेंगहा पुल तक 80 किलोमीटर की लम्बाई में तटबंध के ऊंचीकरण, सुदृढ़ीकरण एवं पक्कीकरण के पहले फेज के कार्य भी शुभारंभ किया। इसके बाद जयनगर के बीडी कॉलेज मैदान में आयोजित जनसभा में उन्होंने कहा कि कमला बराज मिथिलांचल के विकास व बाढ़ से बचाव में मील का पत्थर साबित होगा। इसके बनने से बाढ़ से बचाव के साथ-साथ सिंचाई की भी सुविधा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि बराज बनने से मधुबनी के सात प्रखंड की 29 हजार 559 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई की सीधी सुविधा मिलेगी। दोनों परियोजनाओं को 731 करोड़ की लागत से पूरा किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ से निजात दिलाने के लिए पहले कोई काम नहीं होता था। वर्ष 2005 के बाद से बाढ़ प्रभावित इलाकों को बचाने के लिए काम शुरू हुआ है।
कमला में वीयर काफी पुराना है। उसमें पानी का बहाव काफी अधिक हो रहा है। गाद भरने के कारण पानी का बहाव ऊपर हो गया है। वीयर के जर्जर होने के कारण यहां बराज निर्माण का निर्णय लिया गया था। मुख्यमंत्री ने जलसंसाधन विभाग के अधिकारियों को मंच से ही निर्देश दिया कि इसे निर्धारित समय वर्ष 2023 के मानसून से पहले पूरा करें। इस दौरान अधिकारियों को सतर्क करते हुए कहा कि आपके कार्य का औचक निरीक्षण हम कभी भी कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री लगभग साढ़े 11 बजे डीबी कॉलेज स्थित कार्यक्रम स्थल पहुंचे। हेलीकॉप्टर से उतरने के बाद सीधे बराज देखने निकल गए। वहां उन्होंने बराज का निरीक्षण किया। दोपहर 12:20 बजे वह दोबारा कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, जहां उन्होंने दोनों योजनाओं का रिमोट से कार्यारंभ किया। अत्याधुनिक व ऑटोमेटिक सिस्टम से बनने वाले बराज पर 406 करोड़ और कमला नदी के दाएं व बाएं तटबंध की मजबूती व पक्कीकरण पर 325 करोड़ की लागत आएगी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते जल संसाधन मंत्री संजय झा ने कहा कि मिथिलांचल को विकास की राह पर लाने का पुरा श्रेय मुख्यमंत्री को जाता है। कोरोना काल में भी बाढ़ के दौरान मुख्यमंत्री यहां पहुचे थे। एम्स के लिए भी सीएम ने मिथिलांचल को चुना। पूरा बिहार विकास की ओर अग्रसर है। मौके पर पीएचईडी मंत्री डॉ. रामप्रीत पासवान, खाद्य एवं सुरक्षा मंत्री सह प्रभारी मंत्री लेसी सिंह, परिवहन मंत्री शीला मंडल समेत जिले के विधायक और अधिकारी मौजूद थे।
हर खेत तक पहुंचेगा पानी
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में बाढ़ की समस्या नेपाल की वजह से है। नेपाल की नदियों में अधिक पानी आने से यहां की नदियों का जलस्तर बढ़ जाता है। इससे कई जिलों में बाढ़ आती है। जल संसाधन विभाग में सिंचाई और बाढ़ से बचाव कार्य को दो अलग भागों में बांटा गया है। इससे सिंचाई का कार्य भी बेहतर हो रहा है और बाढ़ नियंत्रण के लिए भी ठीक से काम किया जा रहा है। सात निश्चय-2 में हमने हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने का निर्णय लिया है।
जयनगर में बनेगा आरओबी
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर में रेल लाइन के ऊपर आरओबी निर्माण के लिए हमने जिलाधिकारी को निर्देश दिया है। आरओबी निर्माण के लिए पुल का फंड रेल मंत्रालय देता है और एप्रोच रोड का खर्च राज्य सरकार वहन करती है, लेकिन हमने कहा है कि इसके लिये रेल मंत्रालय तैयार हो या नहीं हो, राज्य सरकार अपनी तरफ से ही आरओबी का निर्माण कराएगी। लोगों को आने-जाने में कठिनाई न हो इसके लिये इसका निर्माण कराया जाएगा। बिहार की कई महत्वपूर्ण जगहों में से जयनगर भी एक महत्वपूर्ण स्थल है। शहर विकसित हो रहा है और यहां की आबादी लगातार बढ़ रही है। उन्होंने डीएम अमित कुमार को आरओबी के निर्माण का प्रस्ताव बनाकर भेजने का निर्देश दिया। उन्होंने जर्जर हो गए डीबी कॉलेज के भवनों के जीर्णोद्धार की भी घोषणा की।
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