एक्सप्रेस-वे से UP में बहेगी विकास की 'गंगा', शाहजहांपुर से आज 76 सीटों को साधेंगे PM मोदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार को उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में 36 हजार 230 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनने वाले प्रदेश के सबसे लंबे 'गंगा एक्सप्रेस-वे' की आधारशिला रखेंगे। खास बात यह है कि यूपी के शाहजहांपुर से जब पीएम मोदी इस एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास करेंगे तो वह आगामी विधानसभा चुनाव के लिए रुहेलखंड और अवध के साथ पश्चिम यूपी की कुल 70 से अधिक विधानसभा सीटों को भी विकास के नाम पर साध लेंगे।
गंगा एक्सप्रेस वे उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा एक्सप्रेस-वे होगा। यूपी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले इसके शिलान्यास को भाजपा की चुनावी तैयारियों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि मेरठ की सात, हापुड़ की तीन, बुलंदशहर की सात, अमरोहा की तीन, संभल की चार, बदायूं की छह, शाहजहांपुर की छह, हरदोई की आठ, उन्नाव की छह, रायबरेली की सात, प्रतापगढ़ की सात और प्रयागराज की 12 सीटों पर शनिवार को होने वाले कार्यक्रम का प्रभाव पड़ेगा। यह एक्सप्रेस-वे इन 12 जिलों से होकर गुजर रहा है। ऐसे में बीजेपी इन जिलों के साथ-साथ आसपास के जिलों में भी विकास का मुद्दे पर बात करने की पूरी कोशिश करेगी। लेकिन इन 12 जिलों की 76 सीटों पर तो आज के कार्यक्रम का सीधा असर तय माना जा रहा है।
कम होगी पूरब से पश्चिम की दूरी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंगा एक्सप्रेस-वे को लेकर
कहा, 'प्रदेश में विकास रुकेगा नहीं, तीव्रता के साथ आगे बढ़ेगा और न केवल
हम सबके जीवन में, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के जीवन में भी व्यापक परिवर्तन
का कारक बनेगा। इस विकास में हम सबको सहभागी बनना है।' आपको बता दें कि
संगम नगरी प्रयागराज से मेरठ के बीच 594 किमी लंबा गंगा एक्सप्रेस वे न
सिर्फ पूरब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की दूरी को कम करेगा बल्कि कई राज्यों
को भी उत्तर प्रदेश के करीब लाएगा। इसका फायदा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र
(एनसीआर) के अलावा हरियाणा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ समेत कई अन्य राज्यों
को मिलेगा। पूर्वी यूपी से लेकर पश्चिमी यूपी के 12 जिलों से गुजरने वाले
इस एक्सप्रेस वे के किनारे औद्योगिक गलियारे से लेकर कई अन्य आर्थिक
गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
एक्सप्रेस-वे में यह होगा खास
राज्य सरकार ने पिछले साल 26 नवंबर को गंगा एक्सप्रेस वे परियोजना की
स्वीकृति दी थी। पर्यावरण संरक्षण के लिए एक्सप्रेस वे के किनारे करीब
18,55,000 पौधे लगाए जाएंगे। साथ ही परियोजना में अधग्रिहित भूमि पर सौर
ऊर्जा का उत्पादन होगा, जिससे परियोजना के संचालन के लिए आवश्यक ऊर्जा की
पूर्ति होगी। इस एक्सप्रेस वे पर आपात स्थिति में सैन्य विमानों की लैंडिंग
और टेक ऑफ के लिए शाहजहांपुर जिले में एक हवाई पट्टी भी बनाई जायेगी। साथ
ही लोगों की सुविधाओं के लिए नौ जनसुविधा केंद्र, सात रेलवे ओवर ब्रिज, 14
बड़े ब्रिज, 126 छोटे ब्रिज और 381 अंडरपास बनाए जाएंगे।
कोई टिप्पणी नहीं
बिहार खबर (SUBHAKAR MEDIA PRIVATE LIMITED) वेबसाइट पर कॉमेंट करने के लिए धन्यवाद।