अतिक्रमण मुक्त बिहार: स्कूल की जमीन पर 15 साल से लोगों का है कब्जा, अतिक्रमण हटाने के लिए DM तक को लिखा पत्र, कोई कार्रवाई नहीं हुई
पटना हाईस्कूल के स्थापना हुए सौ साल से अधिक हो गए। इस ऐतिहासिक स्कूल में वर्षों से अतिक्रमण का डेरा है। अतिक्रमण हटे, इसके लिए स्कूल प्रशासन ने कई बार कोशिश भी की है। जिलाधिकारी से लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी को पत्र लिखकर जानकारी दी गयी है, लेकिन अतिक्रमण नहीं हटा। स्कूल के पीछे वाले भाग की लगभग दस कट्ठा जमीन अतिक्रमित है। लोग अवैध रूप से इसमें रह रहे हैं।
इसको लेकर कई बार स्कूल प्रशासन की तरफ से संबंधित विभाग को जानकारी भी दी गयी है। बावजूद इसके यहां पर लोग कब्जा जमाये हुए हैं। ज्ञात हो कि इस स्कूल की स्थापना सचिवालय में काम कर रहे कर्मियों के बच्चों के पढ़ने के लिए की गयी थी। लेकिन इस स्कूल के पास भी जमीन संबंधित कोई कागजात नहीं हैं। कई बार स्कूल के कागजात को पूर्व प्राचार्य द्वारा खोजा भी गया। इसके बावजूद कागजात नहीं मिले। स्कूल में नामांकन संबंधित सारे कागजात उपलब्ध हैं लेकिन जमीन के कोई कागजात स्कूल के पास नहीं हैं।
दौड़ने का केंद्र बना हुआ है मैदान
स्कूल के पास बड़ा सा खेल का मैदान है। इस मैदान का इस्तेमाल खेल से अधिक
बाहरी कार्यक्रम के लिए अधिक होता है। दारोगा भर्ती आदि के लिए अभ्यर्थी को
यहां दौड़ने का केंद्र बना दिया गया है। हर साल कई महीनों तक यह चलता है।
इससे स्कूल का पठन पाठन प्रभावित होता है और भीड़ भाड़ की स्थिति बनी रहती
है।
प्रयोगशाला में रखी है एनआईओएस की कॉपियां
स्कूल की प्रयोगशाला वाले भवन के दो कमरे कई सालों से अतिक्रमित हैं। इन
दोनों कमरे में एनआईओएस के डीएलएड की कॉपियां रखी हुई हैं। इसको लेकर कई
बार प्रत्राचार किया गया है। लेकिन अभी तक कॉपियों नहीं हटाई गयी हैं। इससे
स्कूल के पठन-पाठन पर असर हो रहा है। लैब में अतिक्रमण होने से छात्र
प्रयोगशाला का इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं।

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