पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, बोकारो से शराब माफिया गिरफ्तार, उत्तर बिहार में फैला था नेटवर्क
मुजफ्फरपुर व पटना मद्य निषेध की टीम ने मंगलवार की देर रात झारखंड के बोकारो से शराब माफिया राणा प्रताप सिंह उर्फ सोनू यादव को दबोचा है। उसके पास से मोटी रकम भी मिली है। शराब डिलिंग के बहाने बुलाकर पुलिस टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। मुजफ्फरपुर लाने के बाद नगर थाने पर लाकर उससे गहन पूछताछ की जा रही है।
बुधवार को एसएसपी व सिटी एसपी ने करीब आधा घंटा तक पूछताछ की। उसने सिंडिकेट से जुड़े अन्य शराब माफियाओं के बारे में जानकारी दी है। वह व्हाट्सएप से संदेश भेजकर शराब की खेप सप्लाई करता था। मुजफ्फरपुर, पटना, गोपालगंज, सारण, वैशाली, शिवहर, सीतामढ़ी, दरभंगा, मोतिहारी, समस्तीपुर समेत कई जिलों में सिडिंकेट फैला है।
मुजफ्फरपुर में भी एक दर्जन से अधिक एजेंटों को शराब की खेप पहुंचाने के लिए रखा है। इसके लिए बाइक भी उपलब्ध कराता है। एसएसपी जयंतकांत ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि राणा प्रताप झारखंड के बोकारो स्टील सिटी सेक्टर नौ का रहने वाला है। बोकारो में उसकी पांच लाइसेंसी शराब की दुकान है। इसकी आड़ में बिहार में अवैध रूप से शराब की खेप सप्लाई करता था। प्रतिदिन 200 से 250 कार्टन विदेशी शराब की सप्लाई करता था।
एसएसपी ने बताया कि 18 मार्च को कटरा के यजुआर में शराब माफिया अविनाश मंडल के घर से जब्त 755 कार्टन शराब मामले में उसकी संलिप्तता आई थी। उसकी लोकेशन मिलने पर बोकारो से गिरफ्तारी की गई। पुलिस टीम शराब धंधेबाज बनकर उसके पास गई थी। जिस वक्त पुलिस पहुंची थी, वह अकेला था।
जेल में बंद शराब माफियाओं से भी साठगांठ
एसएसपी जयंतकांत ने बताया कि राणा प्रताप ने पूछताछ में मुजफ्फरपुर, पटना,
वैशाली, गोपालगंज, समस्तीपुर, मोतिहारी के शराब माफियाओं के नाम बताए हैं।
इसकी जानकारी संबंधित जिलों को दे दी गई है। मुजफ्फरपुर के आधा दर्जन से
अधिक शराब कांड में राणा प्रताप का नाम सामने आया है। बताया जाता है कि
राणा प्रताप सिंह की साठगांठ जेल में बंद बिहार, बंगाल, हरियाणा व पंजाब के
बड़े शराब माफियाओं से भी है। इनके साथ मिलकर शराब का धंधा करता था।
तीन बैंक अकाउंट से करोड़ों की लेनदेन
एसएसपी ने बताया कि राणा प्रताप सिंह के पास से दो मोबाइल मिले हैं। पुलिस
को उसके व्हाट्सएप चैट से कई जानकारियां भी मिली हैं। उसकी डीपी में शराब
के साथ उसकी तस्वीर लगी थी। उसके दोनों मोबाइल से 40 से अधिक धंधेबाजों के
नंबर को पुलिस ने ट्रेस किया है। इसमें कई सफेदपोश के भी नाम व नंबर भी
हैं। इससे वह लगातार संपर्क में भी था। पुलिस को राणा प्रताप के तीन बैंक
अकाउंट की भी जानकारी मिली है। इससे करोड़ों का लेनदेन किया गया है। हर
लेनदेन जांच के दायरे में है।
कटरा थाने में दर्ज है माफिया के खिलाफ केस
एसएसपी ने बताया कि राणा प्रताप सिंह ने कटरा के शराब माफिया लक्ष्मेश्वर
ठाकुर, सावन ठाकुर, रौशन ठाकुर व अविनाश मंडल के सिंडिकेट को भारी मात्रा
में शराब सप्लाई की थी। 18 मार्च को 755 कार्टन शराब कटरा पुलिस ने जब्त की
थी। पूछताछ के बाद राणा प्रताप सिंह चिह्नित किया गया था। उसके खिलाफ कटरा
में नामजद एफआईआर दर्ज की गई थी।

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