Breaking News बिहार में लगेंगे 25 लाख स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर, बिजली बिल की समस्या होगी दूर
ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने कहा है कि अगले डेढ़ साल में राज्य के 25 लाख बिजली उपभोक्ताओं को स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर दे दिया जाएगा। इससे इन उपभोक्ताओं को बिजली बिल में होने वाली समस्याएं दूर हो जाएंगी। इस मीटर को लगा रही एजेंसी छह साल तक इसका देखभाल भी करेगी। अब तक राज्य में डेढ़ लाख स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर लग चुके हैं।
विधानसभा में ऊर्जा विभाग के आय-व्यय पर हुए वाद-विवाद के बाद सरकार की ओर से उत्तर देते हुए मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने कहा कि केंद्रीय एजेंसी इनर्जी इफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) फ्रांस की कंपनी ईडीएफ से मीटर लगवा रही है। इस मीटर को सुविधा मोबाइल एप या बिजली कंपनी के काउंटर से रिचार्ज कराया जा सकता है। तीन एसएमएस भेजकर उपभोक्ताओं को पैसा खत्म होने की जानकारी दी जाएगी। मीटर में पैसा खत्म होने पर भी एक दिन का समय मिलेगा। इसके बाद खुद-ब-खुद सुबह 10 से दोपहर एक बजे के बीच बिजली कट जाएगी। मीटर रिचार्ज कराने पर बिजली खुद जुड़ जाएगी। उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर रहेगा। विपक्षी सदस्यों की ओर से स्मार्ट प्रीपेड मीटर में बिजली बिल अधिक आने की बात को मंत्री ने अफवाह बताया। विपक्षी सदस्यों के वाकआउट के बीच मंत्री ने कहा कि 2021-22 में लोगों को सस्ती बिजली देने के लिए सरकार छह हजार करोड़ अनुदान देगी। इसके पहले के वर्षों में 2020-21 में 5469 करोड़, 2019-20 में 5193 करोड़ व 2018-19 में 5070 करोड़ का अनुदान दिया जा चुका है।
बिहार इकलौता राज्य जिसने वन नेशन-वन बिजली दर की मांग की
देश में बिजली खरीद की औसत दर 3.60 रुपए यूनिट है तो बिहार औसतन 4.12 रुपए
प्रति यूनिट खरीद रहा है। इसलिए बिहार इकलौता राज्य है जिसने वन नेशन-वन
बिजली दर की मांग की है। मंत्री ने कहा कि बिल व बिजली आपूर्ति में गड़बड़ी
संभव है पर हर समस्या का समाधान होगा। मंत्री के जवाब के बाद सदन ने
वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए विभाग का 85 अरब 59 करोड़ 99 लाख 72 हजार का
बजट पारित कर दिया।
स्मार्ट मीटर पर तीन फीसदी तक की मिलेगी छूट
स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर को बढ़ावा देने के लिए ही सरकार ने तीन फीसदी
छूट देने का निर्णय लिया गया है जो आगामी एक अप्रैल से प्रभावी होगा।
मोबाइल के माध्यम से मीटर को ऑन-ऑफ किया जा सकेगा। इस मीटर के लगने से
लोगों को बिजली बिल की समस्या से निजात मिल जाएगी। प्रीपेड मीटर चालू व बंद
करने की सुविधा है। रिचार्ज कराने के बाद बिजली आने से लोगों में
आत्मनियंत्रण का भाव जगेगा और बिजली बचत के प्रति जागरुकता आएगी।
- इस साल के अंत तक 6576 मेगावाट बिजली देने की तैयारी
- मार्च से एनटीपीसी बाढ़ में यूनिट एक से 660 मेगावाट तो बरौनी में 250 मेगावाट का होगा उत्पादन
- डागमारा पनबिजली परियोजना से राज्य सरकार को 375 करोड़ रुपए की होगी बचत
- जुर्माने की राशि को सवा फीसदी से घटाकर 0.75 फीसदी की गई
- इस साल नवीनगर बिजलीघर से 1320 मेगावाट बिजली का उत्पादन शुरू होगा
- बक्सर के चौसा में 2023-24 में 1320 मेगावाट बिजली उत्पादन
- डागमारा, गंडक, इंद्रपुरी, बूढ़ी गंडक और महानंदा नदी पर जलविद्युत पर होगा काम
- 2005-06 में 700 मेगावाट से जुलाई 2020 को 5932 मेगावाट दी गई बिजली
- जून 2023 तक पटना, राजगीर और बोधगया में हरित ऊर्जा की उपलब्धता

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