भागलपुर में क्वारंटाइन सेंटर में खर्च की राशि में घोटाला! जांच में कहलगांव और पीरपैंती में मिली गड़बड़ी
बिहार में साल 2020 में कोरोना काल में बनाए गए क्वारंटाइन सेंटरों में हुए खर्च की जांच में गड़बड़ियां मिली हैं। मौखिक आदेश पर प्रवासियों की आवभगत में तमाम खर्च किए गए और इसी आड़ में कुछ जगहों पर गड़बड़ी की गयी। तत्कालीन डीएम प्रणव कुमार द्वारा गठित टीम ने विपत्रों की जांच की। गड़बड़ियां कहलगांव अनुमंडल और खासतौर से पीरपैंती प्रखड में मिली हैं। आवश्यकता से अधिक खर्च और वित्तीय अनियमिततता का उल्लेख जांच टीम ने किया है। डीएम एसके सेन ने कहा है कि संबंधित बीडीओ से जवाब मांगा जाएगा। जवाब और रिपोर्ट के मिलान के बाद उचित कार्रवाई होगी।
अप्रत्याशित राशि खर्च करने की बात
बता दें कि पिछले साल जब कोरोना पीक पर था, तब दूसरे राज्यों से आ रहे
लोगों के लिए क्वारंटाइन सेंटर बनाए गए थे। क्वारंटाइन सेंटरों के बंद होने
के बाद तत्कालीन डीएम ने खर्चों से संबंधित विपत्र की जांच के लिए
अनुमंडलवार टीमें गठित की थीं। कहलगांव अनुमंडल के लिए गठित टीम ने जांच
रिपोर्ट मौजूदा डीएम को सौंप दी है। रिपोर्ट में जरूरत से ज्यादा और सरकार
के निर्देश के विपरीत अप्रत्याशित राशि खर्च करने की बात है। जांच टीम ने
सरकार के निर्देशों के विपरीत पांच सौ से सात सौ रुपये तक प्रतिदिन
सफाईकर्मी और मजदूरों के भुगतान पर आपत्ति जताई है। टेंट-पंडाल आदि में भी
अधिक खर्च होने की बात कही गयी है। मानक का अनुपालन नहीं करने का भी आरोप
है। कुछ जगहों पर क्रय की गयी सामग्री का भंडार पंजी और वितरण पंजी पूर्ण
रूप से संधारित नहीं पाया गया। प्रवासी मजदूरों के विरमन की तिथि अंकित
नहीं पायी गयी। जांच प्रक्रिया पर बीडीओ बोलने को तैयार नहीं हैं।
अनधिकारिक बातचीत में कई बीडीओ ने बताया कि आपदा से समय जिले के अफसरों
द्वारा भोजन, मजदूर सहित विभिन्न मद में अतिरिक्त व्यवस्था करने का निर्देश
दिया गया। आनन-फानन में मौखिक निर्देश पर व्यवस्था की गयी। लॉक डाउन के
चलते मजदूर नहीं मिल रहे थे। इसके लिए अधिक राशि देनी पड़ी है। अब मानक के
अनुसार रेट के आधार पर जांच होने से परेशानी हो रही है।
जो टेंट हाउस है नहीं, उसे भुगतान किया
डीएम को सौंपी जांच रिपोर्ट में पीरपैंती प्रखंड में कई अनियमितता पायी गयी
है। जांच में पाया गया कि एक टेंट हाउस को तीन लाख 17 हजार 340 रुपये का
भुगतान किया गया। सीओ पीरपैंती (जांच दल के सदस्य) द्वारा पाया गया कि इस
नाम का कोई भी टेंट हाउस है ही नहीं। बाजार के लोगों द्वारा टीम को जानकारी
दी गयी कि इस नाम का टेंट हाउस 2003-04 से बंद है। रिपोर्ट में
प्रथमदृष्टया केन्द्रों के संचालन पर करीब 55 लाख 25 हजार 255 रुपये का
अधिक भुगतान होने की बात कही गयी है। कहा गया है कि बैंक में उपलब्ध दूसरे
मद की राशि को बिना सक्षम पदाधिकारी की स्वीकृति के खर्च कर पूरी राशि की
निकासी की गयी है। यह वित्तीय अनियमितता का मामला है। जांच में पाया गया कि
तत्कालीन बीडीओ द्वारा स्थानांतरित होने से पूर्व संवेदक को चेक निर्गत
किया गया है। जांच टीम ने पीरपैंती में खर्च हुई राशि में 55 लाख 25 हजार
255 रुपये, कहलगांव में 36 लाख 43 हजार 559 रुपये और सन्हौला में एक लाख 33
हजार 463 रुपये को अमान्य किया है। भागलपुर और नवगछिया की जांच रिपोर्ट
मिलने पर स्थिति और साफ होगी।
30 करोड़ रुपये खर्च का हिसाब मांगा
जिले के क्वारंटाइन सेंटरों पर प्रवासी मजदूरों के आवासन, भोजन और किट आदि
पर खर्च हुए 30 करोड़ रुपये का हिसाब संबंधित बीडीओ और सीओ से मांगा गया
है। बताया जा रहा है कि शाहकुण्ड सीओ और गोराडीह बीडीओ द्वारा अभी तक
उपयोगिता प्रमाण पत्र नहीं दिया गया है। सभी प्रखंडों से खर्च का ब्योरा
मिलने के बाद विभाग को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
जिले के क्वारंटाइन सेंटरों में आए प्रवासी मजदूरों की संख्या
प्रखंड प्रवासी मजदूर
शाहकुण्ड - 4975
कहलगांव - 4751
नवगछिया - 1068
सुल्तानगंज - 3131
पीरपैंती -5413
खरीक - 3573
गोराडीह - 4573
रंगरा चौक- 1509
सबौर - 1322
सन्हौला - 6645
जगदीशपुर-2252
गोपालपुर- 1486
बिहपुर- 2268
इस्माईलपुर -775
नाथनगर -1816
नारायणपुर -1729
क्वारंटाइन सेंटरों के लिए प्रखंडों को भेजी गयी थी राशि
जनसंख्या निष्क्रमण मद में - 18 करोड़ 38 लाख 663 रुपये
भोजन आदि मद में - नौ करोड़ 64 लाख 59 हजार रुपये
कपड़ा,किट आदि मद में - दो करोड़ 29 लाख 64 हजार रुपये
भागलपुर डीएम सुब्रत कुमार सेन ने बताया कि कहलगांव अनुमंडल की जांच रिपोर्ट मिली है। उसका आकलन किया जा रहा है। पीरपैंती प्रखंड में राशि खर्च में अधिक शिकायतें प्राप्त हुई है। उसकी जांच करायी जा रही है। तीनों बीडीओ को पक्ष रखने के लिए कहा जाएगा। बीडीओ का जवाब और रिपोर्ट का आकलन किया जाएगा। अगर गलत तरीके से राशि खर्च की गयी होगी तो उसकी वसूली या कार्रवाई की जायेगी।

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