बजरंग सेना राष्ट्रीय संगठन महामंत्री राजेश पाण्डेय का बिहार पंचायत चुनाव टालने एवं कोरोना राहत सामग्री वितरण पर बड़ा बयान।
पटना। बजरंग सेना राष्ट्रीय संगठन महामंत्री/ बिहार प्रभारी राजेश कुमार पाण्डेय ने बयान जारी करते हुए बताया कि, कोरोना महामारी के कारण पंचायत चुनाव समय से नहीं हो सका है लेकिन, नितिश सरकार पंचायतों के कार्यकाल को ६ महीने बढाने की बजाय अफसरशाहों/ नौकरशाहों के हवाले करने पर तुली हुई है। इस तरह का फैसला पूरी तरह से अलोकतांत्रिक और गलत है एवं एक प्रकार से जनतंत्र का गला घोंटने जैसा है।
श्री पाण्डेय ने कहा कि, पंचायतों के विभिन्न जनप्रतिनिधि जनता से सीधे तौर पर जुड़े होते हैं इसलिए हमारी माँग है कि, कोविड-19 से राहत बचाव अभियान में पंचायतों के प्रतिनिधियों के अनुभवों का इस्तेमाल किया जाए तथा पंचायतों के चुनाव को स्थगित करते हुए 6 माह तक के लिेए सभी पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल विस्तारित किया जाए। आगे कहा कि, जिस तरह कोविड-19 में स्वास्थ्य ब्यवस्था की घोर असफलता से पैदा हुई भीषण मानवीय त्रासदी सामने आई है, इससे मिल जुल कर निपटने की योजनाओं पर सुचारू रूप से काम किए जाने की आवश्यकता है। अगर जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों के प्रति किसी भी पार्टी का गैर- लोकतांत्रिक एवं असहिष्णु रवैया और बनके उपर नौकरशाहों का दबदबा रहा तो यह बेहद चिंतनीय है।
नितिश और उसकी गठबंधन आपदा में अवसर तलाशने से बाज नहीं आ रही है और वो सहभागिता को समाप्त कर पूरी लोकतांत्रिक ब्यवस्था को को हीं खोखला कर देने में तुले हैं। दुर्भाग्य की बात है कि, इसकी शुरुआत विधानसभा के अंदर विपक्ष के विधायकों के बेरहम पिटाई से हुई थीएवं इसी कारण विधानसभा की छवि भी धूमिल हुई। चाहे वो विगत में पटना तथा बिहार के अनेक जिलों में आई बाढ राहत कार्य हो या फिर,कोरोना में बढ चढ कर राहत कार्य में गरीब गुरबों के बीच राशन वितरण की बात हो बजरंग सेना हमेशा आगे रही है मोतिहारी में ळगातार 3 दिनों से जिले के विभिन्न वार्डों में बजरंग सेना बिहार प्रदेश महामंत्री कृष्ण कुमार राजगढिया के नेतृत्व में राशन वितरण किया जा रहा है

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