यास तुफान के तेज आंधी-बारिश ने तोड़ा किसानों का कमर, फसल हुए बर्बाद।
सरकारी मदद ही अब अंतिम आसरा- ब्रहमदेव प्रसाद सिंह।
ताजपुर। कभी नोटबंदी, कभी जी एस टी,कभी अतिवृष्टि, तो कभी ओलावृष्टि ,दो साल से हो रहे लगातार लाकडाउन से प्रभावित किसानों का इस बार यास तुफान की तेज आंधी-बारिश ने रही-सही कसर पूरी कर किसानों का कमर हीं तोड़ कर रख दिया है। तेज आंधी और बारिश ने मक्का, टमाटर, कद्दू, करैला, खीरा, बैगन, गोभी, नेनुआ, केला, परवल आदि फसल को पूरी तरह बर्वाद कर दिया है। एक ओर आंधी से ढाई, घेरा समेत फसल गिर गये, टूटकर अलग हो गये तो दूसरी ओर जल जमाव से फसल सुखने लगे हैं.
बड़ी मेहनत से किसान महाजनी कर्ज, केसीसी ऋण समेत ऊंची कीमत में खाद, खल्ली, जुताई, बांस, तार, प्लास्टिक डोरी आदि खरीद कर अपने खेतों में फसल लगाया था लेकिन येन वक्त पर फसल आंधी-बारिस की भेंट चढ़ गई। इससे किसान अब मरणासन्न के कगार पर पहुंच गये हैं।
अखिल भारतीय किसान महासभा की ताजपुर की टीम ने प्रखंड अध्यक्ष ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह के नेतृत्व में बासुदेव राय, शंकर सिंह, राजदेव प्रसाद सिंह, मोतीलाल सिंह ने ताजपुर के मोतीपुर, फतेहपुर, आधारपुर, बाघी, रामापुर महेशपुर, बघौनी, आहर, रजबा आदि पंचायतों के विभिन्न खेतों का भ्रमण कर बर्बाद फसलों का मुआयना कर जानकारी लिया.
टीम लीडर ब्रहमदेव प्रसाद सिंह ने प्रखंड एवं जिला कृषि पदाधिकारी से बर्बाद खेतों का मुआयना कर यथाशीघ्र फसल क्षति मुआवजा देने, केसीसी लोन माफ करने, अगली फसल के लिए किसानों को नये कृषि लोन, नि: शुल्क बीज, खाद, खल्ली, बिजली, पानी कृषि यंत्र आदि देने की मांग की है.
इस आशय का प्रेस विज्ञप्ति जारी कर भाकपा माले प्रखण्ड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा है कि कृषि पदाधिकारी जल्द बर्बाद फसल का मुआयना कर सरकार को रिपोर्ट भेजकर फसल क्षति मुआवजा देने की घोषणा करें अन्यथा अखिल भारतीय किसान महासभा के बैनर तले आन्दोलन चलाये जाने की चेतावनी माले नेता ने दी है.

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