छपरा:- ईद की शुरू हुई तैयारी, चांद के दीदार पर संभावनाएं निर्भर
खाड़ी के देशों में ईद-उल-फितर गुरुवार को मनाए जाने की सूचना है। ऐसे में संभावना है कि भारत में शुक्रवार को ईद मनायी जाएगी। वैसे यह चांद के दिखने पर निर्भर करता है। रमजान के पूरे महीने भर की इबादत के बदले अल्लाह के तोहफे के तौर पर ईद का पर्व मनाया जाता है। इसका इंतजार हर किसी को होता है। हालांकि कोरोना संकट के चलते इस बार सबकुछ बदला-बदला सा है। लॉकडाउन के साए में पूरा रमजान बीता। रमजान के दौरान रोजेदारों ने मस्जिदों से दूर रहकर घरों में इबादत की। पांच वक्त की नमाज, तरावीह, शब-ए-कद्र हो या जुमा सभी घरों में ही अदा किए गए। सोशल डिस्टेंसिंग के तहत मस्जिदों में इबादत से मनाही है। ऐसे में ईद की नमाज ईदगाह में नहीं होगी। खुद उलेमाओं और विभिन्न धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं ने इसके लिए अपील कर रखी है।
उलेमाओं ने लोगों से की अपील
वक्फ बोर्ड, एदारा-ए-शरिया, ईमारत-ए-शरिया, दारूल उलूम देवबंद, बरेली शरीफ समेत अन्य संस्थाओं ने लोगों से ईद में नमाज अपने घरों में अदा करने का एलान किया है। हालांकि स्थानीय तौर पर प्रशासन और इमाम हजरात ने भी लोगों से इसकी अपील की है। दारुल उलूम नईिमया के प्रधानाचार्य मौलाना निसार अहमद मिस्बाही, रजा मस्जिद के इमाम मौलाना फारूक अहमद बरकाती, इमाम अहले हदीस मस्जिद मौलाना अब्दुल कादिर, इमाम मौला मस्जिद मौलाना जाकिर हुसैन व अन्य ने लॉकडाउन के नियमों पालन करने व कानून का सम्मान और मानवता के रक्षार्थ ईद-उल-फित्र की नमाज घरों में ही अदा करने का आग्रह किया है।
पढेंगे चास व शुकराना की नमाज
मुफ्तियाने शरियत के अनुसार उम्र-ए-शरइ (शरइ मजबूरी) के समय मुसलामानों पर ईद की नमाज साकित हो सकती है।ऐसे में चास की नमाज अदा करने से भी ईद की नमाज का सवाब मिलेगा। कहा गया है कि लोग अपने घरों में दो या चार रेकत चास की नमाज अदा करें।साथ ही दो रेकत शुकराना भी अदा करें तो अफजल होगा। यह नमाज सुबह छह बजे से साढ़े ग्यारह बजे तक अदा कर लिया जाना चाहिए।

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