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नीतीश कैबिनेट का फैसला, वार्ड सदस्य करेंगे नल-जल की देखरेख, 5000 रुपये प्रत्येक वार्ड सदस्य को मिलेंगे

 



हर घर नल का जल योजना के अंतर्गत वार्ड सदस्य ही इसके अनुरक्षक (रखरखाव देखने वाले) होंगे। इन्हें प्रतिमाह दो हजार मानदेय सहित पांच हजार से अधिक रुपये मिलेंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में नल-जल योजना के दीर्घकालीन अनुरक्षण नीति के तहत इसका निर्णय लिया गया। बैठक में कुल छह प्रस्तावों को मंजूरी मिली। 

नल-जल योजना के सुचारू रूप से संचालन की जिम्मेदारी अनुरक्षक की होगी। वार्ड सदस्य अगर अनुरक्षक नहीं बनना चाहेंगे तो ऐसी स्थिति में वार्ड सभा द्वारा वार्ड सचिव को अनुरक्षक बनाया जाएगा। इस संबंध में पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि पहले से वार्ड सदस्यों को 500 रुपये महीना दिया जाता है। इसके अतिरिक्त अब अनुरक्षक बनने पर उन्हें दो हजार मानदेय मिलेंगे। इसके अलावा उपभोक्ताओं से प्रतिमाह 30 रुपये वसूले जाने वाले शुल्क की आधी राशि भी अनुरक्षक को दी जाएगी। औसतन एक वार्ड में 200 घर हैं, जिसके हिसाब से छह हजार शुल्क की वसूली होगी। इस तरह तीन हजार अनुरक्षक को मिलेंगे। योजना का संचालन अच्छे ढंग से नहीं होगा तो मानदेय में कटौती भी की जाएगी। शेष राशि रखरखाव पर खर्च होगी। पंचायती राज विभाग द्वारा 58 हजार वार्डों में यह योजना चल रही है। नीति में यह भी साफ किया गया है कि पाइप के लिकेज और खराब मोटर की शिकायत को 24 घंटे में दूर किया जाएगा। अन्य बड़ी खराबी को तीन से पांच दिन में दूर करना अनिवार्य होगा। वार्ड प्रबंधन एवं क्रियान्वयन समिति व तकनीकी सहायक की मुख्य जिम्मेदाररी होगी शिकायतें दूर करना। 


पेयजल का दुरुपयोग करने पर लगेगा दंड
इस योजना के तहत आपूर्ति हो रहे पेयजल का दुरुपयोग करने पर उपभोक्ताओं पर ग्राम पंचायतें दंड भी लगा सकेंगी। पहली बार दुरुपयोग पर 150 रुपये, दूसरी बार हुई तो 400 तथा तीसरी बार में पांच हजार तक जुर्माना लगेगा। इसके बाद जलापूर्ति का कनेक्शन काट दिया जाएगा। दोबारा कनेक्शन लेने पर 300 रुपये लगेंगे। योजना वाले पाइप में कोई अपना मोटर जोड़ देगा तो उस पर पांच हजार जुर्माना लगाते हुए उसे जब्त भी कर लिया जाएगा। 

सुबह-शाम तीन-तीन घंटे पेयजल आपूर्ति
नल-जल योजना के तहत सुबह और शाम में तीन-तीन घंटे तक पेयजल की आपूर्ति की जाएगी। अक्टूबर से मार्च तक सुबह छह से नौ बजे और अन्य महीने में सुबह पांच से आठ बजे तक पेयजल की आपूर्ति होगी। शाम में चार से सात बजे तक होगी। 

2. एक बार उपयोग होने वाले प्लास्टिक उत्पाद पर छह माह बाद रोक
एक बार उपयोग होने वाले प्लास्टिक उत्पाद पर छह माह बाद राज्य में रोक लग जाएंगे। कैबिनेट ने इसकी स्वीकृति दी है। इसमें कहा गया है कि इस आदेश के जारी होने के छह माह (180 दिन) बाद यह राज्य में प्रभावी होगा, ताकि छह माह के अंदर व्यापारी इन उत्पादों को हटा दें। छह माह बाद इन उत्पादों के निर्माण, भंडारण, बिक्री, आयात और उपयोग पर प्रतिबंध हो जाएगा। इन उत्पादों में प्लास्टिक के साथ-साथ थर्मोकॉल के बने प्लेट, ग्लास, कटोरी भी आएंगे। इसके उल्लंघन पर आर्थिक दंड का भी प्रावधान किया है। दंड को लेकर बाद में दिशा-निर्देश जारी होगा। 

3. स्वास्थ्य कर्मी को एक माह की अतिरिक्त राशि
कोरोना संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य विभाग के सभी चिकित्सकों, चिकित्सा कर्मियों एवं अन्य कर्मियों को एक माह का अतिरिक्त मूल वेतन-मानदेय के बराबर प्रोत्साहन राशि रूप में दी जाएगी। कोरोना के दौरान कार्य करते रहने के लिए इन्हें यह राशि दी जा रही है। करीब सवा लाख कर्मियों को इसका लाभ मिलेगा। 

4. एंबुलेंस खरीद आदि के लिए 62 करोड़
मरीजों के लिए विभिन्न चिकित्सा संस्थानों तक परिवहन की व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा एंबुलेंस की खरीद के लिए 62 करोड़ 50 लाख की स्वीकृति कैबिनेट ने दी है। 

अन्य फैसले :
- वायु सेना स्टेशन, बागडोगरा के रनवे का निर्माण करने के लिए झारखंड के पाकुड़ से किशनगंज के रास्ते बागडोगरा तक 12 चक्के से ऊपर के ट्रकों के परिचालन की अनुमति दी गई है। 
-भवन निर्माण विभाग में कार्यरत 42 सहायक अभियंताओं की संविदा अवधि एक वर्ष के लिए अथवा नियमित नियुक्ति होने तक विस्तारित की गई। 

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