बिजली विभाग भी देगा महंगाई का तगड़ा झटका, फिक्सड चार्ज बढ़ाने का प्रस्ताव
बिजली विभाग भी महंगाई का तगड़ा झटका देने की तैयारी में है। बिजली दरों के अलावा फिक्सड चार्ज में भी जेब ढीली करनी पड़ सकती है। बिजली कंपनी की ओर से बिहार विद्युत विनियामक आयोग को सौंपी गई याचिका में फिक्सड चार्ज में भी वृद्धि का प्रस्ताव दिया गया है।
कंपनी ने घरेलू, गैर घरेलू, औद्योगिक सहित सभी श्रेणी के फिक्सड चार्ज में 10 फीसदी तक वृद्धि का प्रस्ताव दिया है। अगर आयोग ने इस पर मुहर लगा दी तो बिजली बिल में लोगों को अभी की तुलना में फिक्सड चार्ज में भी अधिक पैसे देने होंगे। गरीबी रेखा से नीचे जीवन गुजर बसर करने वाले उपभोक्ताओं की श्रेणी कुटीर ज्योति के उपभोक्ताओं को अभी 10 रुपए प्रति कनेक्शन मासिक देने पड़ते हैं। कंपनी ने इसे 11 रुपए करने का प्रस्ताव दिया है।
ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं को अभी 20 रुपए प्रति किलोवाट मासिक देने पड़ते हैं। कंपनी ने इसे 22 रुपए का प्रस्ताव दिया है। शहरी घरेलू उपभोक्ताओं से 40 रुपए प्रति किलोवाट के बदले 44 रुपए का प्रस्ताव दिया गया है। व्यावसायिक श्रेणी के उपभोक्ताओं में ग्रामीण इलाकों में अभी 30 रुपए प्रति किलोवाट मासिक फिक्सड चार्ज है। इसे 33 रुपए करने का प्रस्ताव है। व्यावसायिक श्रेणी में ही मांग आधारित उपभोक्ताओं को अभी 100 रुपए प्रति कनेक्शन मासिक देने पड़ रहे हैं। इसे 110 रुपए मासिक करने का प्रस्ताव दिया गया है। कृषि कार्य के कनेक्शन आईएएस-वन का फिक्सर्ड चार्ज 800 रुपए प्रति हॉर्सपावर है।
सरकार इसमें 726 रुपए अनुदान देती है और किसानों को मात्र 84 रुपए प्रति एचपी ही मासिक देने पड़ते हैं। कंपनी ने अपने प्रस्ताव में किसानों का फिक्सड चार्ज 879 रुपए महीना प्रति एचपी करने का प्रस्ताव दिया है। सरकारी नलकूप का फिक्सर्ड चार्ज 240 रुपए प्रति किलोवाट से 264 रुपए करने का प्रस्ताव दिया गया है। इसी तरह छोटे उद्योग में एलटीएस-वन का अभी फिक्सड चार्ज मासिक 144 रुपए प्रति किलोवाट है जिसे 158 रुपए करने का प्रस्ताव दिया गया है।
छोटे उद्योग में ही एलटीएस-दो का फिक्सड चार्ज 180 रुपए प्रति किलोवाट से 198 करने का प्रस्ताव दिया गया है। बड़े उद्योग यानी एचटी श्रेणी का फिक्सर्ड चार्ज अभी 300 रुपए प्रति किलोवाट है, जिसे 330 रुपए करने का प्रस्ताव दिया गया है। जबकि रेलवे का फिक्सर्ड चार्ज 280 रुपए प्रति किलोवाट को 308 रुपए करने का प्रस्ताव है।
शहरी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए अभी तीन स्लैब हैं। पहला स्लैब शून्य से 100 यूनिट का अनुदान रहित दर 6.10 रुपए प्रति यूनिट, 101 से 200 में 6.95 रुपए प्रति यूनिट जबकि तीसरा स्लैब 200 यूनिट से अधिक की दर 8.05 रुपए प्रति यूनिट है। कंपनी ने इसे दो स्लैब करने का प्रस्ताव दिया है। शून्य से 100 के पहले स्लैब को 6.70 रुपए प्रति यूनिट तो दूसरे स्लैब 100 यूनिट से अधिक का 8.05 रुपए प्रति यूनिट किया है।
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