चाइनीज चिप की कमी से बिहार में स्मार्ट मीटरों की किल्लत, नहीं मिल पा रहे नए कनेक्शन
स्मार्ट मीटर लगना शुरू हुआ नहीं कि उसकी किल्लत भी होने लगी। पटना समेत अन्य शहरों के लिए जरूरत के मुताबिक मीटर की उपलब्धता नहीं है। जिसके कारण आमलोगों के घरों और व्यावसायिक संस्थानों में मीटर बदलने की प्रक्रिया बंद है। पेसू में करीब 900 से अधिक ऐसे लोग हैं, जिनका बिजली कनेक्शन पेंडिंग है। मीटर की किल्लत छठ के पहले से बनी हुई है, शहरी क्षेत्र में नियमानुसार बगैर मीटर के कनेक्शन देने का कोई प्रावधान नहीं है। पटना में अबतक एक लाख 70 हजार मीटर लगाए गए हैं। अन्य शहरों में एक लाख 20 हजार मीटर लगे हैं। पेसू में छह लाख मीटर लगना है। बिजली कंपनी ने दिसम्बर में ही पेसू को स्मार्ट मीटर से लैस करने का लक्ष्य तय किया था। अब मार्च से अप्रैल तक लक्ष्य पूरा करने का रखा गया है।
प्रीपेड मीटर पर रोक लगाने की मांग
विद्युत उपभोक्ता महासंघ बिहार के मुख्य संरक्षक रामभजन सिंह यादव ने इलेक्ट्रॉनिक मीटर को हटाकर प्रीपेड/स्मार्ट मीटर लगाने पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। कहा कि गरीबों के घर स्मार्ट मीटर लगाना ठीक नहीं है। उन्होंने दानापुर में तकिया पर स्थित कायस्थ टोली में धमकाकर बिजली अधिकारी द्वारा पैसे वसूलने के आरोप की जांच कराने की मांग की है।
चिप की कमी से मीटर उपलब्ध नहीं हो पा रहा
चाइना से आपूर्ति होने वाले चिप (सेमी कंडक्टर पाटर्स) की कमी के कारण मीटर तैयार नहीं हो पा रहा है। इस वजह से मीटर की किल्लत हो रही है। एक साथ देशभर में मीटर लग रहे हैं। बिहार में ईईएसएल कंपनी को स्मार्ट मीटर लगाने का काम दिया गया है। यह कंपनी ऊर्जा मंत्रालय के तहत काम करती है। ईईएसएल की बिहार की दो कंपनियां साउथ बिहार और नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रिब्यूशन कंपनी लि. के साथ करार है। जिसके तहत स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। ये स्मार्ट मीटर प्रीपेड हैं, जिन्हें मोबाइल की तरह रिचार्ज करना पड़ता है। बिहार में बिजली चोरी को रोकने और राजस्व के घाटे से उबरने के लिए स्मार्ट मीटर लगाये जा रहे हैं।
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