कृषि कानून वापस लेने पर सीएम नीतीश की आई प्रतिक्रिया, जानिए क्या कहा
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि तीनों कृषि कानून को प्रधानमंत्री ने वापस लेने का निर्णय लिया है और उन्होंने इस पर पूरी बात भी स्पष्टता के साथ है रख दी है। अब इस पर कुछ बोलने का औचित्य नहीं है। दिल्ली से अपनी आंखों का इलाज करा कर लौटे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बात कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने आगे यह भी कहा कि बिहार में अपराध नियंत्रण पर काम हुआ है, उसी सक्रियता से शराबबंदी को लेकर भी काम किए जाएंगे। इसको लेकर हमने पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले करीब एक वर्ष से अधिक समय से विवादों में घिरे तीन कृषि कानूनों को वापस लिए जाने की घोषणा की और इसके लिए संसद के आगामी सत्र में विधेयक लाया जाएगा। तीनों कृषि कानूनों के विरोध में किसान आंदोलन कर रहे थे। प्रधानमंत्री ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से जुड़े मुद्दों पर एक समिति बनाने की भी घोषणा की। प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को गुरु नानक जयंती के अवसर पर राष्ट्र के नाम संबोधन में इस आशय की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पांच दशक के अपने सार्वजनिक जीवन में मैंने किसानों की मुश्किलों, चुनौतियों को बहुत करीब से अनुभव किया है।
वहीं दूसरी ओर राजद सुप्रीमो लालू यादव ने ट्वीट कर कहा है कि विश्व के सबसे लंबे,शांतिपूर्ण व लोकतांत्रिक किसान सत्याग्रह के सफल होने पर बधाई। पूँजीपरस्त सरकार व उसके मंत्रियों ने किसानों को आतंकवादी, खालिस्तानी, आढ़तिए, मुट्ठीभर लोग, देशद्रोही इत्यादि कहकर देश की एकता और सौहार्द को खंड-खंड कर बहुसंख्यक श्रमशील आबादी में एक अविश्वास पैदा किया। देश संयम, शालीनता और सहिष्णुता के साथ-साथ विवेकपूर्ण, लोकतांत्रिक और समावेशी निर्णयों से चलता है ना कि पहलवानी से! बहुमत में अहंकार नहीं बल्कि विनम्रता होनी चाहिए।
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