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महिला दारोगा आत्महत्या: बारात की शहनाई और पटाखों के बीच लक्ष्मी ने खुद को मारी गोली, शोर और धमाकों में दब गयी फायरिंग की आवाज

 



पीएसआई लक्ष्मी कुमारी द्वारा गुरुवार की रात 12 से दो बजे के बीच खुद को गोली मारकर आत्महत्या करने की बात सामने आ रही है। रात में मंदिर परिसर में शादी-ब्याह का बाजा बजने व पटाखे छूटने के कारण बैरक में रह रहे अन्य पुलिसकर्मियों को गोली चलने की आवाज नहीं सुनाई पड़ी।

बताया जाता है कि लक्ष्मी ने 10 बजे रात तक संध्या गश्ती की थी। इसके बाद वह अपने कमरे में सोने चली गई। उसकी रूम पार्टनर पीएसआई आरती कुमारी रात्रि ओडी में रात 10 बजे से सुबह आठ बजे तक के लिए ड्यूटी में थाने पर थी। रात लगभग दो बजे आरती फ्रेश होने बैरक के अपने कमरे पर आई उसने कमरे का दरवाजा खटखटाया, लेकिन कमरा नहीं खुला। लक्ष्मी के मोबाइल पर फोन करने पर भी फोन नहीं उठा

इसके बाद आरती वापस थाना चली आयी। पुन: आरती सुबह लगभग 4:30 बजे बैरक के कमरे में गई। फिर से दरवाजा खटखटाया गया, लेकिन कमरा नहीं खुला। अन्य पुलिसकर्मियों को इसकी जानकारी दी गई। मेन गेट के ऊपर के शीशे से झांकने पर लक्ष्मी अपने बेडरूम में नहीं मिली।

पुलिसकर्मियों ने इसकी जानकारी थानाध्यक्ष सत्य प्रकाश झा को दी। थानाध्यक्ष के आने के बाद खिड़की का शीशा तोड़कर कमरे में प्रवेश किया गया। कमरे से सटे किचन में लक्ष्मी मृत अवस्था में पाई गई। उसके सिर से खून बहा रहा था। उसके सिर के दाहिने हिस्से में गोली लगी थी। पिस्टल उसके हाथ में फंसी हुई थी। पुलिस बैरक में पीएसआई लक्ष्मी कुमारी की मौत की जांच मुजफ्फरपुर से एफएसएल की टीम घटनास्थल पर पहुंची।

टीम लक्ष्मी के परिजनों की मांग पर वहां पहुंची थी। टीम ने वहां लक्ष्मी के कमरे एवं उसके शव का गहन निरीक्षण किया। घटनास्थल पर मौजूद कई नमूने व साक्ष्य को जांच के लिए अपने साथ ले गई। इस दौरान वहां आईजी व सदर एसडीपीओ भी मौजूद थे। टीम को आईजी अजिताभ कुमार ने कई निर्देश दिए। टीम 15 दिनों में रिपोर्ट सौंपेगी।

एफएसएल टीम ने की जांच

लक्ष्मी कुमारी की मौत की जांच करने मुजफ्फरपुर से एफएसएल की टीम घटनास्थल पर पहुंची। टीम लक्ष्मी के परिजनों की मांग पर वहां पहुंची थी। टीम ने वहां लक्ष्मी के कमरे एवं उसके शव का गहन निरीक्षण किया। घटनास्थल पर मौजूद कई नमूने व साक्ष्य को जांच के लिए अपने साथ ले गई। इस दौरान वहां आईजी व सदर एसडीपीओ भी मौजूद थे। टीम को आईजी अजिताभ कुमार ने कई निर्देश दिए। टीम 15 दिनों में रिपोर्ट सौंपेगी।

लक्ष्मी के पैतृक आवास पर पसरा सन्नाटा

प्रशिक्षु महिला दारोगा लक्ष्मी कुमारी की मौत के बाद उसके पैतृक आवास पर मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। लक्ष्मी के माता-पिता और उसके परिजन मौत की खबर मिलते ही ह दरभंगा पहुंच गये। सुपौल स्थित उसके घर पर लक्ष्मी के रिश्तेदार थे, लेकिन कोई कुछ भी नहीं बता रहे थे। उधर, मोहल्लेवासी इस घटना से हतप्रभ हैं।

लक्ष्मी के पिता त्रिलोकी साह की स्टेशन चौक पर मिठाई की पुरानी दुकान है। शहर के वार्ड 10 में चिल्ड्रेन पार्क से मस्जिद चौक वाली सड़क में उनका आवास है। चार भाई-बहनों में लक्ष्मी तीसरे नंबर पर थी। इसमें रोमा सबसे बड़ी है। इसके बाद उसका भाई दिलीप है जो मरौना ब्लॉक में डाटा ऑपरेटर के पद पर कार्यरत है। इसके बाद लक्ष्मी और फिर सबसे छोटा भाई मनीष है।

मौत की खबर मिलते ही मनीष ने बिस्तर पकड़ लिया है। घर पर लक्ष्मी की चाची और उसके चचेरे भाई थे। घटना का कारण क्या था, इसपर कोई भी कुछ नहीं बता रहा था। त्रिलोकी साह को जानने वाले उसके घर पर पहुंचकर परिजनों को ढाढ़स बंधा रहे थे। लक्ष्मी के चचेरे भाई अखिलेश ने बताया कि लक्ष्मी दारोगा से पहले बिजली विभाग में तीन साल तक नौकरी की थी। वह काफी सरल स्वभाव की थी और हमेशा दूसरों की मदद को तत्पर रहती थीं। 

लगनशील और मिलनसार थी लक्ष्मी

 पीएसआई लक्षमी कुमारी काफी लगनशील व मिलनसार थी। गुरुवार की रात उसके आत्महत्या करने के बाद सभी लोग सकते में थे। अध्यक्ष सत्यप्रकाश झा सहित सभी पुलिसकर्मी को विश्वास ही नहीं हो रहा था कि लक्ष्मी जैसी लगनशील पुलिस अधिकारी ऐसा कदम उठा सकती है। सभी पुलिसकर्मी उसके काम की तारीफ कर रहे थे। लक्ष्मी विवि थाने में सन 2019 में आई थी। वह अपने सभी सहकर्मियो से ज्यादा काम में दिलचस्पी लेती थी। काम सीखने की ललक व मिलनसार प्रवृति अन्य की अपेक्षा उसमें ज्यादा था। इसके कारण वह कम दिनो में सबकी चहेती बनी हुई थी। उसके अंदर काम करने की ललक गुरुवार को भी दिखी। दिन में उसने कोर्ट में जाकर एक केस का चार्जशीट जमा किया था। उसके बाद शाम में थाने की संध्या गश्ती की थी।

घटना का कारण काम का दबाव तो नही!

पुलिस एसोसिएशन के सचिव विपुल सिंह ने घटना का कारण काम का दबाव होने का अंदेशा जताया है। लेकिन यह बात कहां तक सही है यह जांच के बाद ही पता चल सकेगा। महिला पीएसआई के आत्महत्या की जानकारी मिलने पर कई स्थानीय लोग भी वहां जुट गए थे। सभी लोग घटना को लेकर दुख व्यक्त कर रहे थे। वहीं कुछ लोग इसे प्रेम प्रसंग से भी जोड़कर देख रहे थे। साक्ष्य भी कुछ ऐसा ही इशारा कर रहा था क्योंकि पीएसआई के शव के पास उसका ईयरफोन एवं मोबाइल पड़ा हुआ था। लोगों को लग था कि देर रात किसी से बात करने के दौरान उसे तनाव हुआ होगा जिसके बाद उसने आत्महत्या कर ली।


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