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मुजफ्फरपुर: 'इंज्यूरी एप', न्याय की राह में उम्मीद की नई किरण, धारा लगाने में पुलिस नही कर पाएगी मनमानी, रिपोर्ट की कमी पर भी अपराधी को नयी मिलेगी राहत

 



विभिन्न घटनाओं में हुए घायलों की इंज्यूरी व मरने वालों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अभाव में धाराओं के खेल पर लगाम लगाया जाएगा। पुलिस रिपोर्ट के अभाव में न तो मनमाना धारा लगा पाएगी और न ही इंज्यूरी रिपोर्ट के अभाव में किसी अपराधी को कोर्ट से राहत मिल सकेगी। स्मार्ट सिटी के सहयोग से जिला प्रशासन इंज्यूरी एप बनवा रहा है। एक-दो दिनों में इसकी लांचिंग होने वाली है। एप जिले की प्रत्येक घटनाओं की इंज्यूरी रिपोर्ट से भरी होगी। कोई भी थाना, अस्पताल व संबंधित प्रशासनिक अधकारी घटना की इंज्यूरी रिपोर्ट तैयार होते ही देख सकेंगे व डाउनलोड कर साक्ष्य के तौर पर उसका इस्तेमाल कर सकेंगे।

जिले में इंज्यूरी रिपोर्ट के अभाव में लटके मामलों पर डीएम प्रणव कुमार ने संज्ञान लिया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा मामले को गंभीरता से उठाने के बाद डीएम ने यह कार्रवाई की है। इससे पीड़ितों को न्याय मिलने में आसानी होगी और आरोपितों को सजा दिलाने में पुलिस को सहयोग मिलेगा।

कहते हैं जिलाधिकारी

जिले में इंज्यूरी रिपोर्ट समय पर अपलोड करने के लिए एप बनावाया जा रहा है। इस पर घटनाओं की इंज्यूरी रिपोर्ट समय पर अपलोड होगी, जिसे प्रत्येक थाने में देखा जा सकेगा। साक्ष्य के तौर पर इंज्यूरी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का यह सटीक व प्रभावी माध्यम बनेगा। - प्रणव कुमार, डीएम

न्यायालय में कर सकेंगे प्रस्तुत

इस एप का आईडी व पासवर्ड सभी संबंधित अस्पताल, सभी थानों व संबंधित प्रशासनिक अधिकारी के पास रहेगा। किसी भी घटना में उचित धारा लगाने के लिए इस एप के जरिये तुरंत इंज्यूरी रिपोर्ट की जांच की जा सकेगी और जख्म की स्थिति का आकलन किया जा सकेगा। संबंधित थाना अपने यहां दर्ज कांड में आरोपित पर धारा लगाने के लिए इस एप से जानकारी ले सकेंगे और उसे डाउनलोड कर साक्ष्य के तौर पर उसे न्यायालय में प्रस्तुत कर सकेंगे।


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