पटना मर्डर केस : रिमझिम की डायरी व ऑडियो में मिले एक करोड़ की देनदारी के सबूत
पटना के चर्चित रिमझिम चतुर्वेदी हत्याकांड में मुख्य साजिशकर्ता महिला की गिरफ्तारी नहीं किए जाने पर बड़ा सवाल उठ रहा है। रिमझिम की बहन श्वेता पाठक का दावा है कि रिमझिम की डायरी व ऑडियो रिकार्डिंग में आरोपितों पर एक करोड़ रुपये की देनदारी के सबूत मौजूद हैं। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि यदि पुलिस ने मामले का अनुसंधान ठीक से नहीं किया तो वह कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगी।
उन्होंने बताया कि रिमझिम की एक डायरी मिली है, जिसमें खुद रिमझिम ने किस-किस को कब-कब रुपये दिए हैं, नाम के साथ लिखा है। उनका कहना है कि हत्याकांड के मामले में जेल गए रोहित और उसकी करीबी मुख्य साजिशकर्ता महिला पर लाखों रुपये की देनदारी है। रोहित व उसकी करीबी महिला उधार में पैसा लेकर उसे सूद पर लगाती थी। पैसे न देने पड़े, इसके लिए ही उक्त महिला ने रोहित के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। सभी साक्ष्य होने के बावजूद पुलिस उक्त महिला को गिरफ्तार नहीं कर रही है।
आठ बार गई थाने, नहीं मिली पोस्टमार्टम रिपोर्ट
रिमझिम की बहन श्वेता पाठक का आरोप है कि हत्याकांड के बाद अबतक आठ बार
थाने का चक्कर लगा चुकी हैं लेकिन अबतक पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं मिली है।
आईओ जानबूझ कर मामले को उलझा रहे हैं। ऐसे में मामले के अनुंसधानकर्ता को
बदला जाना चाहिए। छोटी बहन श्वेता अब जो दावा कर रही हैं, उसके पीछे एक बड़ी
वजह है। दरअसल, सबूत के तौर पर एक डायरी और 1 हजार रुपये का एक स्टाम्प
पेपर श्वेता के हाथ लगा है। डायरी को देखने, पढ़ने से जो बातें समझ में आ
रही हैं, उसके अनुसार रुपयों के हर छोटे-बड़े लेनदेन के बारे में रिमझिम
उसमें तारीख के अनुसार लिखती थीं। हर बार उसे अपडेट करती थीं। रिमझिम की
छोटी बहन श्वेता पाठक के हाथ 1 हजार रुपये का जो स्टाम्प पेपर लगा है, वह
पेपर हत्या के 3 दिन पहले यानी 19 नवंबर 2021 को खरीदा गया था। उस पेपर पर
मुख्य साजिशकर्ता महिला का नाम लिखा है।
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