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भागलपुर:- लॉकडाउन में हो रहे घाटे और बढ़ते कर्ज से परेशान व्यवसायी ने फंदे लटककर दे दी अपनी जान
भागलपुर:- लॉकडाउन में हो रहे घाटे और बढ़ते कर्ज से परेशान व्यवसायी ने फंदे लटककर दे दी अपनी जान
भागलपुर के तिलकामांझी थाना क्षेत्र के मुंदीचक मोहल्ला स्थित जीपी वर्मा रोड में गुरुवार देर रात कर्ज से परेशान ई-रिक्शा के व्यवसायी रुपेश कुमार साह (40) ने गले में फंदा डालकर खुदकुशी कर ली। लॉकडाउन में दुकान बंद रहने और कर्ज के कारण वे परेशान रहते थे। घटना को लेकर थाने में पत्नी कल्पना देवी के बयान पर यूडी रिपोर्ट दर्ज की गई है।
मुंदीचक के किराना दुकानदार रमेश साह के दो पुत्रों में बड़ा बेटा दिनेश साह पुराने घर और छोटा बेटा रुपेश साह नये घर में परिवार के साथ रहते थे। गुरुवार रात करीब 11 बजे रुपेश साह, उनकी पत्नी और बच्चे ने घर में एक साथ खाना खाया। पत्नी और बच्चे भोजन के बाद कमरे में सोने चले गए। रुपेश साह दूसरे कमरे में चले गए। रात करीब 12.30 बजे पत्नी कल्पना देवी की नींद खुली तो पति को नहीं देखकर कमरे में झांकने गए तो देखा कि अंदर से दरवाजा बंद है। खिड़की से देखने पर पंखे के सहारे शव लटक रहा था। हल्ला करने पर आसपास के लोग जुटे। थाने को सूचना दी गई। थाना प्रभारी मिथिलेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। परिजनों के सहयोग से शव को फंदे से नीचे उतारा गया। शुक्रवार सुबह शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया। उसके बाद बरारी गंगा घाट पर शव का दाह-संस्कार कर दिया गया।
लॉकडाउन के दौरान रहते थे परेशान
परिवार वालों ने कहा कि लॉकडाउन में करीब ढाई महीने से दुकान बंद थी। कर्ज लेकर भीखनपुर रोड में ई-रिक्शा और पार्ट्स की दुकान खोली थी। दुकान ठीक से चल नहीं रहा था। घर का खर्च और दो बच्चे की पढ़ाई मुसीबत लग रहा था। पत्नी समझाती भी थी लेकिन लॉकडाउन में घर में रहने से और परेशान हो गए थे। पत्नी ने कहा कि परेशान रहते थे लेकिन उम्मीद नहीं थी कि खुदकुशी कर लेंगे। घटना के बाद घर में कोहराम मच गया है।
छह माह पहले मां की हुई थी मृत्यु
करीब छह माह पूर्व रुपेश की मां की मृत्यु हो गई थी। पिता कभी घर तो भी नाथनगर में बेटी के घर रहते थे। देर रात घटना की सूचना पर रमेश साह नाथनगर से मुंदीचक पहुंचे। घटना से वह भी हतप्रभ रह गए। कहा खुशहाल परिवार था। बेटा भी खुश रहता था लेकिन कैसे खुदकुशी कर ली, कुछ समझ में नहीं आ रहा। मोहल्ले के लोगों का भी कहना था कि वह बिजनस के प्रति हमेशा सजग रहते थे। घटना से लोग परेशान थे।
लॉकडाउन के दौरान रहते थे परेशान
परिवार वालों ने कहा कि लॉकडाउन में करीब ढाई महीने से दुकान बंद थी। कर्ज लेकर भीखनपुर रोड में ई-रिक्शा और पार्ट्स की दुकान खोली थी। दुकान ठीक से चल नहीं रहा था। घर का खर्च और दो बच्चे की पढ़ाई मुसीबत लग रहा था। पत्नी समझाती भी थी लेकिन लॉकडाउन में घर में रहने से और परेशान हो गए थे। पत्नी ने कहा कि परेशान रहते थे लेकिन उम्मीद नहीं थी कि खुदकुशी कर लेंगे। घटना के बाद घर में कोहराम मच गया है।
छह माह पहले मां की हुई थी मृत्यु
करीब छह माह पूर्व रुपेश की मां की मृत्यु हो गई थी। पिता कभी घर तो भी नाथनगर में बेटी के घर रहते थे। देर रात घटना की सूचना पर रमेश साह नाथनगर से मुंदीचक पहुंचे। घटना से वह भी हतप्रभ रह गए। कहा खुशहाल परिवार था। बेटा भी खुश रहता था लेकिन कैसे खुदकुशी कर ली, कुछ समझ में नहीं आ रहा। मोहल्ले के लोगों का भी कहना था कि वह बिजनस के प्रति हमेशा सजग रहते थे। घटना से लोग परेशान थे।
भागलपुर:- लॉकडाउन में हो रहे घाटे और बढ़ते कर्ज से परेशान व्यवसायी ने फंदे लटककर दे दी अपनी जान
Reviewed by Gulshan kumar
on
जून 06, 2020
Rating: 5
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