ना बाजा ना बराती मंदिर में विधि-विधान से हुई पूर्व मुखिया के बेटे की शादी
वैशाली जिला संवाददाता प्रभंजन कुमार मिश्रा
बारात अधिक जाने के डर से पूर्व मुखिया ने बेटे की मंदिर में रचाई शादी
बेटे की बरात में अधिक बराती जाने के डर से पूर्व मुखिया ने मांगलिक कार्य को मंदिर में ही निपटारा कर पिया। यह वाक्या महुआ के पताढ गांव की है। यहां बुधवार को बताया गया कि पूर्व मुखिया जीवन पासवान ने अपने बेटे की शादी गोरौल के अबाबाकरपुर में तय की थी। शादी में बारायों की लंबी तादाद हो गई। इसके कारण उन्होंने यह बरात रोक दिया और बेटे की शादी रानीपोखर डुमरी स्थित गायत्री शक्तिपीठ पर करबाई। मुखिया जीवस पासवान ने बताया कि इस कोरोना वायरस लेकर किसी भी शादी में 50 लोगों को जाने का ही सरकार द्वारा तय कर दिया गया है। जबकि बारातियों की लंबी तादाद हो रही थी। जिसके कारण उन्होंने इस शादी में बरात ले जाने से ही रोक दिया और अपने बेटे की शादी गायत्री मंदिर में करा दी। इसके लिए बेटी वाले भी राजी हो गए और वह पूरे परिवार के साथ यहां मंदिर पर पहुंचकर विधि विधान के साथ दूल्हा दुल्हन को परिणय सूत्र में बांध दिया। इधर बताया जा रहा है कि बारातियों की तादाद लंबी होने कारण अधिकतर बेटे वाले शादियां मंदिर में ही कर रहे हैं। जिसमें उन्हें बरात ले जाना नहीं पड़ रहा है।

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