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उत्तर बिहार में नदियां पड़ी नरम, चम्पारण में बाढ़ से अब भी तबाही, मधुबनी, सीतामढ़ी और दरभंगा में नदियों में उतार-चढ़ाव जारी

 




नेपाल में बारिश में कमी आने से उत्तर बिहार की नदियां थोड़ी नरम पड़ी हैं। हालांकि चम्पारण में बाढ़ प्रभावित इलाकों में मुश्किलें अभी भी कम नहीं हो रही। पूर्वी चम्पारण के सुगौली और बंजरिया प्रखंड के कई गांवों का संपर्क अब भी प्रखंड मुख्यालय से कटा है। पानी कम होने के बाद बूढ़ी गंडक का कटाव तेज हो गया है। इधर, मधुबनी, सीतामढ़ी और दरभंगा में नदियों के जलस्तर में उतार चढ़ाव जारी है, लेकिन फिलहाल बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है।  

मुजफ्फरपुर में बहने वाली तीन नदियों में से दो के जलस्तर में गिरावट व एक के जलस्तर के स्थिर होने से प्रशासन ने राहत की सांस ली है, लेकिन नदी की पेटी से विस्थापित हुए लोगों की समस्या बनी हुई है। तीन दिनों से लगातार बढ़ोतरी के बाद बूढ़ी गंडक का जलस्तर सोमवार को स्थिर हो गया। वहीं गंडक व बागमती नदी के जलस्तर में सोमवार को गिरावट दर्ज की गई। बूढ़ी गंडक का जलस्तर स्थिर होकर 50.80 सेमी पर टिका रहा जो खतरे के निशान से करीब डेढ़ मीटर नीचे है। 

वहीं लाल निशान से ऊपर बहने वाली गंडक नदी का जलसतर 54.45 पर आ गया। वहीं बागमती के जलस्तर में गिरावट आई है वह 53.03 पर स्थित है। जिले के साहेबगंज के नौ व पारू के सात वार्ड पूरी तरह प्रभावित हैं। तिरहुत नहर तटबंध, भलुई बांध व माधोपुर हजारी सहित दर्जनों स्थलों पर लोग शरण लिए हुए हैं। सोमवार को लगातार बारिश के कारण बांध पर शरण लेने वाले पीड़ितों की समस्या और बढ़ गई। प्रशासन से केवल पॉलीथीन शीट की मदद मिलने के कारण पीड़ित आक्रोश जता रहे थे। उनके पास चूल्हा जलाने के लिए लकड़ी तक नहीं है और खाने के सामान भी चार दिन में खत्म हो गए हैं।

पश्चिम चम्पारण में वाल्मीकिनगर बराज से सोमवार शाम मात्र 92900 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जिले में गंडक, सिकरहना समेत सभी नदियों के जलस्तर में कमी आई है। अधिकांश निचले इलाकों से पानी निकल चुका है। शेष इलाकों से भी अब तेजी से पानी निकलने लगा है। हालांकि पानी उतरने के बाद सड़क से फसल तक की बर्बादी दिखने लगी है। दो दर्जन से अधिक सड़कें और हजारों एकड़ फसल नदियों में उफान आने से बर्बाद हो गई है।

पूर्वी चम्पारण के बंजरिया व सुगौली के दर्जनों गांवों में बाढ़ का कहर जारी है। बाढ़ घिरे बंजरिया प्रखंड व अंचल कार्यालय को सामुदायिक भवन में शिफ्ट कर दिया गया है। सुगौली प्रखंड में बाढ़ का पानी कम होने के बाद भी कई गांव के निचले इलाके में अभी बाढ़ से निजात नहीं मिल रही है। उत्तरी छपरा बहास के भवानीपुर गांव में सिकरहना (बूढ़ी गंडक) के कटाव से 40 घर नदी की धारा में समा चुके हैं। साथ ही गांव की सोलिंग सड़क भी कटकर नदी में गिर चुकी है। उधर, गंडक नदी का जलस्तर कम होने से केसरिया, अरेराज व संग्रामपुर प्रखंड की कई पंचायतों में बाढ़ का तेवर नरम पड़ा है। वहीं तेतरिया में बागमती नदी की उपघारा में जलस्तर बढ़ने से धेधवा, कोठिया, सिरौली, लहलादपुर सरेह में पानी फैलाने लगा है।

मधुबनी जिले में कमला, बलान, धौंस, कोसी सहित सभी प्रमुख नदियों का जलस्तर अभी स्थिर है। जिले में अभी कही पर बाढ़ नहीं है। सीतामढ़ी जिले के बागमती व अधवारा नदियों के जलस्तर में लगातार उतार चढ़ाव जारी है। सोमवार की सुबह बागमती का जलस्तर स्थिर था। वहीं दोपहर में डूबा घाट व चंदौली घाट में जलस्तर बढ़ने लगा है। दरभंगा जिले में पिछले दो दिनों से हो रही बारिश से अधवारा नदी के जलस्तर में वृद्धि हुई है। हालांकि अन्य नदियों के जलस्तर में कमी दर्ज की गई है। फिलहाल जिले की सभी नदियां खतरे के निशान से नीचे हैं।

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