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पटना हाईकोर्ट के आदेश पर सेंट्रल जेल से रिहा हुए दो नाइजीरियन, छह महीने की सजा हुई माफ

 



पटना हाईकोर्ट के आदेश पर मुजफ्फरपुर सेंट्रल जेल में बंद नाइजीरिया के नागरिक सोलोमोन अलीग्व्यू व युग्वूम सिनाची ओनिया को मंगलवार को रिहा कर दिया गया। दोनों विदेशी अधिनियम उल्लंघन में दोषी पाए जाने पर करीब ढाई साल से सजा काट रहे थे। सीतामढ़ी कोर्ट ने दोनों को तीन साल की सजा सुनाई थी। 

हाईकोर्ट के आदेश के आलोक में मुजफ्फरपुर सेंट्रल जेल के अधीक्षक ने दोनों को सम्मान जनक तरीके से विदा किया। सुरक्षा गार्ड के साथ दिल्ली स्थित दूतावास पहुंचाने के लिए ट्रेन से रवाना किया गया। बुधवार को दोनों नाइजीरियन दूतावास पहुंच जाएंगे। इसकी पुष्टि जेल अधीक्षक बिजेश कुमार मेहता ने की है। 

जेल अधीक्षक ने बताया कि गृह विशेष शाखा के प्रधान सचिव के आदेश पर सीतामढ़ी मंडल कारा से दो नाइजीरियन को मुजफ्फरपुर स्थित शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा में अक्टूबर 2019 को शिफ्ट किया गया था। जानकारी के मुताबिक, 14 मार्च 2019 को पटना जाने के क्रम में दोनों नाइजीरियन बगैर वीजा के पकड़े गए थे। 

पुलिस को बस चालक ने बताया था कि दोनों विदेशी नागरिक सीतामढ़ी के महसौल चौक पर पटना जाने के लिए चढ़े थे। बोलचाल व वेशभूषा से शक हुआ। इसके बाद रुन्नीसैदपुर थाने के सामने बस खड़ी कर इसकी जानकारी थानेदार को दी। छानबीन के दौरान रुन्नीसैदपुर पुलिस ने दोनों के पास से मोबाइल, कपड़े, पासपोर्ट, वीजा, डॉलर, भारतीय मुद्रा व अन्य वस्तुएं बरामद की थीं। 

इनके पास से नेपाल तक का वीजा ही मिला था। भारत में प्रवेश करने के संबंध में कोई कागजात नहीं मिले थे। भारत में अनाधिकार प्रवेश करने पर दोनों के खिलाफ रुनीसैदपुर थाने में केस दर्ज किया गया था।

बाकी बची छह माह की सजा माफ

सूत्रों के मुताबिक दोनों के पकड़े जाने के बाद सीतामढ़ी जिला प्रशासन ने गृह विभाग के माध्यम से नाइजीरियन दूतावास से सत्यापन कराया था। इनका पासपोर्ट व नेपाल तक का वीजा सही पाया गया था। इसके आगे की प्रक्रिया फिलहाल जारी है। अब पटना हाईकोर्ट ने दोनों की बाकी बची छह माह की सजा माफ कर दी है। कोर्ट ने ढ़ाई साल की सजा को ही पूरी अवधि की सजा मान ली है। दोनों का आचरण जेल में अच्छा रहा। 

जेल में किया था छठ पर्व

जेल में बंद एक युग्वूम सिनाची ओनिया ने इसबार छठ पर्व भी किया था। इसे लेकर मुजफ्फरपुर से लेकर प्रदेश स्तर तक वह चर्चा में रहा। बंदियों के बीच चर्चा है कि छठी मैया के आशीर्वाद से दोनों रिहा हुए हैं।


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